पटना , अगस्त 17 -- भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को 'लर्न डेमोक्रेसी, लीड डेमोक्रेसी' के थीम के साथ बिहार की राजधानी पटना से निर्वाचन साक्षरता क्लब 2.0 की शुरुआत की है, जिसेदेशभर के राज्यों में विस्तारित क्या जायेगा।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री कुमार ने आज पटना के ज्ञान भवन में प्रदेश के 400 विद्यालयों से आये विद्यार्थियों के एक समूह से संवाद करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के बच्चे, जिसे आने वाले वर्षों में नागरिकता हासिल करनी है और मतदाता के रूप में पंजीकृत होना है, को चुनावी प्रक्रिया से अवगत कराने से देश की लोकतंत्रीय व्यवस्था अधिक सबल होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान निर्वाचन प्रक्रिया में विश्वास मजबूत करने, चुनावी साक्षरता बढ़ाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जागरूक एवं सूचित भागीदारी को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

श्री कुमार ने कहा कि देश में सबसे पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) बिहार से ही शुरू हुआ था और अब यह 12 राज्यों में पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जब इसे शुरू किया गया था, तब कुछ लोगों ने कहा कि सूर्य को पूरब की जगह पश्चिम में उगाने की कोशिश हो रही है,लेकिन वास्तविकता यह है कि अब तक देश के 70 करोड़ लोगों को इस दायरे में लाया गया है और भविष्य में 30 करोड़ लोगों के बीच इस प्रक्रिया को पूरा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह बिहार से शुरू हुआ एसआईआर दुनिया भर में नजीर बन गया और अमेरिका सहित कई प्रजातांत्रिक देशों के प्रतिनिधि इसे देखने आये, उसी तरह 'निर्वाचन साक्षरता क्लब' भी समूचे देश में एक अलग मिसाल बनेगा। उन्होंने 'एसआईआर' के बाद बिहार में हुए 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की चर्चा की और कहा कि यहाँ के मतदाताओं ने प्रतिशत भागीदारी में मामले में अमेरिका,फ्रांस,ब्रिटेन, इटली ,मैक्सिको और जापान को भी पीछे छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि बिहार में शुरू होकर यह निर्वाचन साक्षरता क्लब अभियान भी देश भर में कामयाबी से आगे बढ़ेगा।

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