रांची , जून 15 -- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को झारखंड कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कुल 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में जनकल्याण, कर्मचारियों की सुविधाओं, सड़क निर्माण, सिंचाई, सूचना प्रौद्योगिकी और खनन क्षेत्र से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।
वन्यजीवों के हमले से प्रभावित लोगों को मिलने वाले मुआवजे को लेकर रहा। अब जंगली जानवरों के हमले में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी। पहले यह राशि 4 लाख रुपये थी। गंभीर रूप से घायल होने पर 2 लाख रुपये तथा सामान्य रूप से घायल होने पर 35 हजार रुपये देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही मृत्यु के मामलों में एक लाख रुपये की तत्काल सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य सरकार ने कर्मचारियों के लिए अग्रिम वेतन एवं क्रेडिट सुविधा शुरू करने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत सरकारी कर्मचारी 30 दिनों तक का अग्रिम वेतन प्राप्त कर सकेंगे, जिसकी राशि का भुगतान 2 महीने से लेकर 60 महीने तक की अवधि में किया जा सकेगा।
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों के वेतनमान में एकरूपता लाने का फैसला भी लिया। नई नियुक्तियां अब पे-लेवल-2 के तहत की जाएंगी।
बैठक में सड़क चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण योजनाओं के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। वहीं पलामू की अमानत बराज सिंचाई परियोजना की संशोधित लागत 947 करोड़ रुपये से अधिक मंजूर की गई।
इसके अलावा बोकारो और गोड्डा के कोल ब्लॉकों के लिए खनन पट्टों को मंजूरी, झारनेट 2.0 परियोजना की अवधि बढ़ाने, मोटर यान निरीक्षकों की नियुक्ति तथा गोड्डा एवं बोकारो समाहरणालय के अनियमित कर्मियों की सेवा नियमित करने जैसे महत्वपूर्ण फैसलों पर भी मुहर लगाई गई।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित