चंडीगढ़ , अक्टूबर 15 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीडन में आयोजित इंडिया-स्वीडन इनोवेशन डे 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने भारत और स्वीडन के बीच नवाचार, व्यापार, औद्योगिक सहयोग और निवेश को मजबूत बनाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा को इस वर्ष कार्यक्रम में राज्य भागीदार बनाने के लिए आभार भी व्यक्त किया।

उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इंडिया-स्वीडन इनोवेशन डे दोनों देशों के बीच वर्ष 2035 तक साझा नवाचार और प्रतिस्पर्धी भविष्य के संकल्प को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता व्यापार आर्थिक संबंधों की मजबूती को दर्शाता है। उनके अनुसार भारत-स्वीडन व्यापार वर्ष 2016 में 2.86 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025 में 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा में स्वीडिश कंपनियों के निवेश का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुग्राम में आइकिया की 3,500 करोड़ रुपये की एकीकृत परियोजना राज्य में निवेशकों के भरोसे का उदाहरण है। इसके अलावा, झज्जर के मेट सिटी में स्वीडन की कंपनी कार्ल गुस्ताफ का विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। फरीदाबाद में स्वीडिश-स्विस समूह एबीबी की विनिर्माण इकाई वर्ष 1951 से संचालित है। वहीं, स्वीडिश शिक्षा संस्था कुनस्काप्सकोलन ने वर्ष 2013 में गुरुग्राम में अपना पहला भारतीय विद्यालय खोला था।

श्री नायब सैनी ने कहा कि ये परियोजनाएं 'मेक इन इंडिया' और 'मेड विद स्वीडन' के साझा प्रयासों को आगे बढ़ाती हैं। उन्होंने स्वीडिश उद्योगपतियों और अन्य प्रतिनिधियों को हरियाणा में आयोजित होने वाले 'हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2027' में शामिल होने का निमंत्रण दिया। साथ ही, कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में भी आमंत्रित किया।

कार्यक्रम में स्वीडन के मंत्री बेंजामिन दौसा, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और भारतीय राजदूत अनुराग भूषण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने और निवेश के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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