सुकमा , अप्रैल 13 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा प्रवास के दौरान 308 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। उन्होंने नियद नेल्लानार योजना पार्ट-2 के विस्तार की घोषणा के साथ स्वास्थ्य, सिंचाई और बुनियादी ढांचे पर विशेष फोकस की बात कही, वहीं कांग्रेस पर भ्रामक प्रचार का आरोप भी लगाया।
अति नक्सल प्रभावित रहे सुकमा जिले के दौरे पर पहुंचे श्री साय ने मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान और अटल आरोग्य लैब का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि नियद नेल्लानार योजना के दूसरे चरण में बस्तर संभाग के सात जिलों के अलावा खैरागढ़ -छुई खदान-गंडई क्षेत्र (केसीजी), मोहला-मानपुर- अंबागढ़ चौकी और गरियाबंद जिलों को भी शामिल किया गया है, जिससे विकास योजनाओं का दायरा और व्यापक होगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बस्तर में सिंचाई से जुड़ी दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनके पूरा होने पर लगभग 80 हजार एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि सरकार खेती के साथ-साथ पर्यटन, रोजगार, पशुपालन, कुक्कुट पालन और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है।
विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में बस्तर क्षेत्र में 45 नई सड़कों का निर्माण हुआ है, 34 नए स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं, 401 प्राथमिक स्कूल खोले गए हैं और 516 आंगनबाड़ी केंद्र शुरू किए गए हैं।
महतारी वंदन योजना के तहत बस्तर की 22 हजार महिलाओं को लाभान्वित किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं जनजातीय समाज से आते हैं और बस्तर के लोगों की समस्याओं को करीब से समझते हैं। उन्होंने कहा कि पहले यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, लेकिन अब तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने लोगों से भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार बस्तर में खेती का रकबा बढ़ाने और लोगों की आय में वृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह भ्रम फैला रही है कि सरकार पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि सरकार बस्तर के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि पिछली कांग्रेस सरकार ने केंद्र के साथ समन्वय बनाकर काम किया होता, तो बस्तर क्षेत्र पांच वर्ष पहले ही नक्सलवाद से मुक्त हो सकता था। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश से नक्सलवाद खत्म करने के लिए ठोस रणनीति अपनाई गई, जिसका परिणाम अब सामने आ रहा है।
श्री साय ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बताया कि स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत हर घर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी, प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग होगी और जरूरत पड़ने पर मरीजों का इलाज बस्तर मेडिकल कॉलेज या राज्य के बाहर भी निःशुल्क कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री के इस दौरे को बस्तर क्षेत्र में विकास और सुरक्षा के नए चरण की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां एक ओर बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
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