रायपुर , फरवरी 14 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर प्रवास के दौरान दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिरीमकेला स्थित श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में भाग लिया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

उन्होंने महाशिवरात्रि से एक दिन पूर्व आयोजित इस धार्मिक आयोजन को श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्राम सिरीमकेला में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण से ग्रामीणों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए सुदृढ़ सुविधा उपलब्ध होगी।

श्री साय ने अपने संबोधन में प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की अग्रिम शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सनातन परंपरा के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा कराई जा चुकी है।

उन्होंने उल्लेख किया कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, जो देश की आस्था का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने जशपुर स्थित मधेश्वर महादेव का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे लोकमान्यता के अनुसार एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। सावन माह में भोरमदेव मंदिर में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर आस्था का सम्मान किया जाता है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले राजिम त्रिवेणी संगम में इन दिनों राजिम कुंभ कल्प का भव्य आयोजन चल रहा है, जहाँ श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उमड़ रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और प्रकृति संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।

कार्यक्रम के दौरान सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री रणविजय सिंह जुदेव सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित