पटना , जून 03 -- बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में 11 मेगा पार्क और सभी 38 जिलों में फूड पार्क विकसित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने बुधवार को उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कहा कि औद्योगिक विकास ही बिहार को समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ाएगा और राज्य की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिहार को निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाए तथा उद्योगपतियों और उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

श्री चौधरी ने कहा कि बिहार को 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए प्रक्रियाओं को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्योगों से संबंधित सभी अनुमतियां और सुविधाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएं, जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हो सके।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने ग्राम स्तर पर उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा तथा एमएसएमई क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाए। उन्होंने बिहार में टेक्सटाइल इंडस्ट्रियल सेंटर स्थापित करने तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने औद्योगिक विकास के लिए 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर उचित मुआवजा देकर सहमति प्राप्त करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही उन्होंने नई औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित प्रोत्साहन राशि समय पर उपलब्ध कराने और राज्य में 11 मेगा पार्क तथा सभी 38 जिलों में फूड पार्क विकसित करने की दिशा में तेजी से काम करने को कहा।

समीक्षा बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश आकर्षित करने तथा रोजगार सृजन के अवसरों को बढ़ाने के लिए चलायी जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति तथा भावी कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयशी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, उद्योग विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा, निदेशक, एमएसएमई अमन समीर, निदेशक, हथकरघा एवं रेशम उत्पादन विद्यानंद सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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