पटना , सितम्बर 14 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को हिन्दी दिवस के अवसर परमंत्रिमंडल सचिवालय (राजभाषा) विभाग की ओर से आयोजित हिन्दी दिवस समारोह-सह-कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हिन्दी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति, सभ्यता और हमारी समृद्ध साहित्यिक परंपरा की अभिव्यक्ति है। हमें हिन्दी के गौरव को समझते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी दुनिया में सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली भाषाओं में से एक है। यह दुनिया में तीसरी प्रयोग की जानेवाली भाषा है। यह हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हिन्दी साहित्य को समृद्ध बनाने में बिहार की धरती के अनेक महान साहित्यकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विद्यापति जी, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' जी, जनकवि नागार्जुन जी जैसे साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिन्दी साहित्य को नई ऊंचाइयां प्रदान की और समाज को दिशा दी।
श्री चौधरी ने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम अपनी भाषा, संस्कृति और सभ्यता की पहचान को देश की सीमाओं से बाहर दुनिया भर में पहुंचाएं। हिन्दी को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने में देश के अनेक महान नेताओं का योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व.अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से हिन्दी में संबोधन कर हिन्दी को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर गौरव प्रदान किया। प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी भी विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर हिन्दी में भारत की बात दुनिया के सामने रखते हैं। उन्होंने ब्रिक्स जैसे महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मंच पर हिन्दी में संदेश देने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
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