बेंगलुरु , अगस्त 10 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कांग्रेस आलाकमान से पोर्टफोलियो पर सहमति लेकर बेंगलुरु लौट रहे हैं, जिससे सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर चल रही जबरदस्त गुटबाजी के बीच मंत्रिमंडल विस्तार की लंबी प्रक्रिया अब पूरी होने के करीब है।

श्री शिवकुमार ने राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल के साथ मंत्रालय के गठन और विभागों के बंटवारे पर चर्चा की, जिससे उन्हें नयी टीम में राजनीतिक संतुलन और विभागों के बंटवारे के फॉर्मूले पर स्पष्टता मिल गई है।

ये चर्चाएं इसलिए अहम हैं क्योंकि कांग्रेस नेतृत्व कर्नाटक इकाई के भीतर क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, राजनीतिक जरूरतों और अलग-अलग दावों के बीच संतुलन बनाना चाहता है। इसके साथ वह यह भी सुनिश्चित करना चाहता है कि मंत्रालय का विस्तार बिना किसी और देरी के काम करना शुरू कर दे। उम्मीद है कि श्री शिवकुमार आलाकमान के साथ हुई बातचीत के नतीजों के साथ बेंगलुरु लौटेंगे, जिसके बाद सरकार मंत्रियों की जिम्मेदारियों को औपचारिक रूप देगी।

गौरतलब है कि इस प्रक्रिया में जबरदस्त गुटबाजी हुई है। मंत्री पद के दावेदार पद पाने की कोशिश कर रहे हैं और नये शामिल हुए मंत्री महत्वपूर्ण विभागों के लिए अपनी पसंद जाहिर कर रहे हैं, जबकि आलाकमान ने साफ कर दिया है कि खास विभागों के लिए व्यक्तिगत मांगों के आधार पर अंतिम बंटवारा नहीं होगा। उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व के साथ तय किए गए ढांचे के भीतर विभागों के बंटवारे में मुख्यमंत्री की भूमिका निर्णायक होगी।

ऐसी रिपोर्टें हैं कि कुछ मंत्रियों ने बदलाव या अतिरिक्त विभागों की मांग की है, जिससे बातचीत और जटिल हो गई है। विधानसभा सत्र के चलने से भी जल्दबाजी बढ़ गई है।

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