बेंगलुरु , जून 07 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को जनता दल (सेक्युलर) को 2018 के गठबंधन की याद दिलाते हुए यह जिक्र किया कि उन्होंने किस तरह उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं के राजनीतिक उत्थान और अस्तित्व को बनाए रखने के लिए अपने दरवाजे खोले थे।

श्री शिवकुमार ने अपने गृह क्षेत्र कनकपुरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गठबंधन के वर्षों के दौरान उन्होंने जनता दल (एस) नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए अपने 'दरवाजे खोले' थे और उनसे उस राजनीतिक इतिहास पर विचार करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, "मैं सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का नेता नहीं हूं। मैं जनता दल (एस) कार्यकर्ताओं से भी कहता हूं कि डीके शिवकुमार ने आपके लिए दरवाजे खोले थे। सोचिए कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जाए।"श्री शिवकुमार ने राजनीतिक रूप से अहम टिप्पणी करते हुए 2018 के रामनगर उपचुनाव में कांग्रेस समर्थित जनता दल (एस) नेता अनीता कुमारस्वामी की जीत को याद किया। गौरतलब है कि यह कांग्रेस-जनता दल (एस) गठबंधन सरकार के दौरान सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक था।

उन्होंने कहा, "हमने अनीता कुमारस्वामी की मदद की थी। हमने इससे पहले भी कुमारस्वामी को जीतने में मदद की थी। मैं अब उन सभी मामलों में नहीं पड़ना चाहता।"मुख्यमंत्री की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब राज्यसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनावों सहित चुनावी मुकाबलों के नए दौर से पहले कर्नाटक में राजनीतिक समीकरणों पर फिर से गौर किया जा रहा है। उनकी बातों का मकसद गठबंधन के दौर में कई जनता दल (एस) नेताओं के राजनीतिक उत्थान और अस्तित्व को बनाए रखने में कांग्रेस के योगदान को उजागर करना लग रहा था।

गौरतलब है कि 2018 के विधानसभा चुनावों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत न मिलने के बाद कांग्रेस ने जनता दल (एस) को समर्थन दिया, जिससे तीसरे स्थान पर रहने के बावजूद श्री एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बन सके। बाद में गठबंधन ने रामनगर उपचुनाव में श्रीमती अनीता कुमारस्वामी का समर्थन किया, जहां उन्होंने एक लाख से अधिक वोटों से भारी जीत हासिल की।

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