चेन्नई , अगस्त 07 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 12वीं के अंकों के आधार पर वेटनरी कोर्स में दाखिला देने का आग्रह करते हुए तर्क दिया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) वेटनरी कोर्स के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से वेटनरी काउंसिल ऑफ इंडिया (वीसीआई) को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने तथा पशु चिकित्सा विज्ञान और पशुपालन में स्नातक (बीवीएस और एएच डिग्री कोर्स) में 12वीं के अंकों के आधार पर दाखिले की अनुमति देने की सलाह देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने श्री मोदी को लिखे एक पत्र में कहा कि वीसीआई ने भारतीय पशु-चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1984 के प्रावधानों के तहत सभी वेटनरी कॉलेजों में बीवीएस और एएच डिग्री कोर्स के लिए समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) आयोजित करने और केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से सीटों के आवंटन का निर्देश दिया है। इसके विकल्प के तौर पर जहां ऐसी परीक्षा आयोजित नहीं की जाती है, वहां राज्यों को शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से दाखिले के लिए नीट (यूजी)-2026 की अंक सूची अपनाने की सलाह दी गई है।
इस बात के मद्देनजर कि यह प्रस्ताव तमिलनाडु के लिए गंभीर चिंताएं पैदा करता है क्योंकि राज्य की विकास प्राथमिकताओं में वेटनरी शिक्षा का एक अनूठा स्थान है, उन्होंने श्री मोदी से आग्रह किया कि वे वीसीआई को अपने फैसले की समीक्षा करने और बीवीएस और एएच कोर्स में 12वीं के अंक या संबंधित राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित दाखिले के मानदंडों के आधार पर दाखिले को जारी रखने की अनुमति देने की सलाह दें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इस अनुरोध पर विचार करने से वेटनरी शिक्षा तक समान पहुंच बनाए रखने, ग्रामीण और सामाजिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए अवसर सुरक्षित करने और हमारे संघीय ढांचे के भीतर राज्यों की वैध नीतिगत पसंद को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
इस बात के मद्देनजर कि वेटनरी कोर्स केवल एक प्रोफेशनल कोर्स नहीं है बल्कि पशुपालन को मजबूत करने, पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार करने, डेयरी विकास का समर्थन करने और लाखों ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुरक्षित करने के हमारे प्रयासों की नींव है, श्री विजय ने कहा कि आज दाखिला लेने वाले छात्र ही भविष्य में वेटनरी डॉक्टर बनेंगे जो आने वाले वर्षों में हमारे किसानों, गांवों और पशुधन क्षेत्र की सेवा करेंगे।
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