इंफाल , अक्टूबर 14 -- मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को इंफाल के मंत्रीपुखरी में राज्य सूचना प्रौद्योगिकी पार्क (आईटी पार्क) में ई-सेवा केन्द्र का उद्घाटन किया और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय 'भाषिनी मणिपुर राज्य कार्यशाला' में भाग लिया।
श्री सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अलग-अलग भाषाओं के बीच बातचीत को आसान बनाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया और युवा पीढ़ी से नयी तकनीकों को सक्रिय रूप से अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने भरोसा जताया कि मणिपुर के युवा तकनीकी प्रगति के साथ कदम मिलाकर चलेंगे और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में राज्य के विकास में योगदान देंगे।
उन्होंने एआई आधारित भाषा तकनीकों के माध्यम से भाषा की बाधाओं को दूर करने के भाषिनी के प्रयासों की सराहनाकरते हुए कहा कि यह पहल देश भर में अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोगों के बीच बातचीत को आसान बनाएगी। उन्होंने मणिपुर के 33 भाषाई समुदायों को उनकी अपनी भाषाओं में आसानी से बातचीत करने के तरीके विकसित करके जोड़ने की इसकी क्षमता पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने यह देखते हुए कि मणिपुर ने कला, संस्कृति और खेल जैसे क्षेत्रों में वैश्विक पहचान बनाई है, भरोसा जताया कि राज्य के युवा सूचना प्रौद्योगिकी में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार युवाओं को इस क्षेत्र में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित और सशक्त बनाने के लिए हर संभव मदद देगी।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों, खासकर दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए उनकी अपनी भाषाओं में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई और भाषा तकनीकों के इस्तेमाल से सार्वजनिक जानकारी और सरकारी सेवाओं तक पहुंच बेहतर हो सकती है, साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सेवा वितरण में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में शुरू किए गए मणिपुर ई-सेवा केन्द्र का मकसद डिजिटल प्लेटफॉर्म तक सहायता-प्राप्त पहुंच प्रदान करके सरकारी सेवाओं को नागरिकों के करीब लाना है। यह केंद्र उन लोगों को मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करेगा, जिन्हें ऑनलाइन सेवाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समझने में मदद की ज़रूरत है।
मुख्यमंत्री ने लोगों के रोजमर्रा के जीवन के लिए तकनीक को अधिक उपयोगी बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए सरकारी विभागों और संस्थानों से नई तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग का पता लगाने और लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्थानीय स्तर पर उपयोगी समाधान विकसित करने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम के दौरान, मणिपुर सरकार और माइक्रोसॉफ्ट ने एआई, डिजिटल गवर्नेंस, नई तकनीकों, क्षमता निर्माण और डिजिटल स्किलिंग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह साझेदारी युवाओं को सशक्त बनाकर, संस्थानों को मजबूत करके और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार करके व्यावहारिक लाभ पहुंचाएगी।
इस कार्यक्रम में एचसीएलटेक टेकबी कार्यक्रम के तहत चुने गए उम्मीदवारों को प्रशिक्षण और प्लेसमेंट प्रमाणपत्र भी बांटे गए। राज्य सरकार इस पहल के तहत हर छात्र को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देती है।
इस प्रोग्राम के तहत अब तक ट्रेनिंग पाने वाले 116 छात्रों में से 57 ने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली है और ग्रेजुएशन की पढ़ाई के साथ-साथ एचसीएलटेक में फुल-टाइम कर्मचारी के तौर पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने अलग-अलग राज्यों में नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों से बातचीत की और उन्हें इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर में मौजूद मौकों का पूरा फायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
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