उज्जैन, जून 17 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को जिले के महिदपुर में 188.42 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सामाकोटा बैराज का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिदपुर से उनका लगाव काफी पहले से रहा है। महिदपुर का विशेष ऐतिहासिक महत्व भी है एवं इसके विकास के लिए निरंतर कई परियोजनाओं पर कार्य किए जा रहे हैं। डोंगला में खगोलीय घटनाओं की गणना के लिए वेधशाला बनाई गई है। महिदपुर के डोंगला से होते हुए नया फोर लेन मार्ग का निर्माण करवाया जाएगा।

डॉ. यादव ने कहा कि महिदपुर का उज्जैन में एक विशेष महत्व रहा है। सभी क्षेत्रों में महिदपुर का विशेष योगदान रहा है। महिदपुर का नारायणा गांव भगवान श्री कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का साक्षी रहा है तथा परिवहन की दृष्टि से भी काफी सश्क्त है। भारी माल ढोने वाले ट्रकों की बॉडी का कार्य सबसे अधिक यहीं पर होता है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रति माह लाडली बहनों के खातों में राशि का अंतरण किया जाता है। विकास के मामले में हम कृत संकल्पित होकर आगे बढ़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से सबको यह संकल्प दिलवाया कि सभी वर्गों की भलाई के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इस अवसर पर कहा कि देश की आत्मा यहां के गांवों में बसती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संकल्प है कि हर खेत में सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचना चाहिए। 2003-2004 में सिंचाई का रकबा प्रदेश में सात लाख हेक्टेयर था। यह वर्तमान में बढ़कर 54 लाख हेक्टेयर हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पदभार ग्रहण करने के पश्चात सिंचाई के रकबे में 2.5 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 का आयोजन किया जाना है। शिप्रा नदी के जल को निर्मल रखने के उद्देश्य से डॉ. यादव ने महत्वाकांक्षी कान्ह डायवर्सन परियोजना का संकल्प लिया जो शीघ्र ही पूर्ण होगी। सेवरखेडी- सिलारखेडी परियोजना के अंतर्गत भी 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। सिंहस्थ में शिप्रा नदी के जल से संत और श्रद्धालु स्नान करेंगे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट के माध्यम से सामाकोटा परियोजना और विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया तथा 19 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के अन्य विकास कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित