रायपुर , मार्च 13 -- छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने निम्न व मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देने के लिए 'मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026' शुरू की है। इस योजना के तहत बकाया बिजली बिल की मूल राशि में बड़ी छूट और सरचार्ज पूरी तरह माफ किया जाएगा।
भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आज पत्रकारों से चर्चा में अमित चिमनानी ने बताया कि कोरोना काल और आर्थिक कठिनाइयों के कारण बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं को इस योजना से बड़ी राहत मिलेगी। राज्य के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलने का अनुमान है। जिन उपभोक्ताओं का 31 मार्च 2023 तक का बिजली बिल बकाया है, वे इस योजना के लिए पात्र होंगे। योजना 12 मार्च से शुरू होकर 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी।
चिमनानी ने बताया कि योजना शुरू होने के कुछ ही घंटों में प्रदेशभर के करीब 5 हजार उपभोक्ता इससे जुड़ चुके हैं। सरकार इस योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को लगभग 758 करोड़ रुपये की छूट देने जा रही है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत बीपीएल परिवारों को मूल बकाया राशि में अधिकतम 75 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी, जबकि एपीएल परिवारों को 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। दोनों ही श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए सरचार्ज को पूरी तरह माफ किया गया है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता का 34 हजार रुपये का बकाया बिल है तो छूट के बाद उसे लगभग 9 हजार रुपये ही भुगतान करना होगा और किस्तों में भुगतान की स्थिति में प्रति किस्त करीब 150 रुपये देने होंगे।
सरकार ने भुगतान को आसान बनाने के लिए किस्तों की सुविधा भी दी है। 1 लाख रुपये से अधिक बकाया पर अधिकतम 60 किस्तें, 20 हजार से 1 लाख रुपये तक की राशि पर 50 किस्तें और 20 हजार रुपये से कम बकाया पर अधिकतम 40 किस्तों में भुगतान किया जा सकेगा।
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता 'मोर बिजली' मोबाइल एप, सीएसपीडीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी बिजली कार्यालय में स्थापित सहायता केंद्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। प्रदेशभर में विशेष शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
चिमनानी ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में बिजली उपभोक्ताओं के हित में बड़ी सब्सिडी दी है। वर्ष 2024-25 में विभिन्न योजनाओं के तहत 7,513 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया, जिसमें पिछली सरकार के कार्यकाल का 1,294 करोड़ रुपये का बकाया भी शामिल था। वहीं वर्ष 2025-26 के बजट में 6,480 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, जिसमें से 6,024 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 210 करोड़ रुपये और राज्य सरकार द्वारा 76 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है।
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