रायपुर , जुलाई 22 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन और बच्चों के समग्र विकास को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए सभी संबंधित विभागों को यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से समन्वित एवं परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
श्री साय ने बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में भारत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्रे से शिष्टाचार भेंट के दौरान कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा आदिम जाति विकास सहित सभी विभाग साझा लक्ष्य और समन्वित कार्यप्रणाली के साथ कार्य करें, ताकि शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण में प्रभावी कमी लाई जा सके।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ माताएं और स्वस्थ बच्चे विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और बच्चों के पोषण स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करने के लिए बहु-विभागीय रणनीति अपनाई जानी चाहिए।
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा बाल विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से इन क्षेत्रों में स्थायी सुधार संभव है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मैककैफ्रे का शॉल एवं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान 'नंदी' भेंट कर स्वागत किया। मैककैफ्रे ने भारत में यूनिसेफ के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी विशेष स्मारक डाक टिकट मुख्यमंत्री को भेंट किया।
सुश्री मैककैफ्रे ने "जय जोहार" कहकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया और कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और सरल-सहज लोगों का प्रदेश है। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ लंबे समय से राज्य सरकार के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहा है तथा संयुक्त प्रयासों से प्रदेश के बच्चों का भविष्य और अधिक सुरक्षित एवं स्वस्थ बनाया जा सकेगा।
बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ की प्रमुख सीमा कुमार, अनिल गुलाटी, डॉ. बाल पारितोष दास तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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