नारायणपुर , जनवरी 31 -- छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नारायणपुर-कोंडागांव मार्ग पर निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शनिवार को पीआरओ से मिली जानकारी के मुताबिक,यह निरीक्षण उनके दो दिवसीय(शुक्रवार/शनिवार) नारायणपुर दौरे के दौरान किया गया। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण बस्तर अंचल के विकास और इसे महाराष्ट्र से जोड़ने की कुंजी माना जा रहा है। एनएच-130डी, जो एनएच-30 का शाखा मार्ग है, की कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है। यह मार्ग कोंडागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल से गुजरते हुए महाराष्ट्र सीमा पर नेलांगुर तक जाता है। वहां से यह आगे चलकर आलापल्ली में एनएच-353डी से जुड़ जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राजमार्ग सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि बस्तर की प्रगति का मार्ग है। इसके पूरा होने से क्षेत्र को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से सीधा जुड़ाव मिलेगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी।

इस परियोजना के लगभग 122 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण छत्तीसगढ़ में होना है। इसमें कोंडागांव से नारायणपुर तक का 50 किलोमीटर का खंड निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल तक 50 किलोमीटर और कुतुल से नेलांगुर तक 21.5 किलोमीटर का मार्ग है। अबूझमाड़ क्षेत्र में निर्माण के लिए जरूरी वन क्लीयरेंस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से प्राप्त हुई है, जिससे परियोजना को गति मिली है।

श्री साय ने कहा कि सरकार इस परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे बस्तर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और यह क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा। इस निरीक्षण के दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद महेश कश्यप, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम और मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित