पटना , जून 20 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौती गांव में 17 जून को हुई पुलिस मुठभेड़ में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी की मौत मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि घटना के सभी पहलुओं की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए यह जांच उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच का उद्देश्य घटना के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करना है।
श्री चौधरी की इस घोषणा से पहले भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है और इसको लेकर राज्य भर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।
इस मामले में पुलिस के अनुसार, 17 जून की सुबह लगभग 5:10 बजे एक टीम विशेष सूचना के आधार पर अवैध हथियार बरामद करने के लिए तिवारी के घर पहुंची थी। पुलिस का आरोप है कि दरवाजा खोलने के लिए कहने पर तिवारी ने पुलिसकर्मियों पर पिस्तौल तान दी। इसके बाद वह छत पर चढ़ गया और पुलिस को चुनौती देने लगा।
पुलिस का दावा है कि बाद में तिवारी हथियार लहराते हुए खेतों की ओर भाग गया। वहां विशेष कार्यबल (एसटीएफ) और शाहपुर पुलिस ने उसे घेर लिया तथा कई बार आत्मसमर्पण करने को कहा। पुलिस के अनुसार, तिवारी ने अपनी पिस्तौल फेंककर आत्मसमर्पण का दिखावा किया, लेकिन बार-बार उसे उठाने का प्रयास किया और अंततः पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की।
पुलिस का कहना है कि तिवारी के पैर में गोली लगी थी। उसे हिरासत में शाहपुर रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई।
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