उज्जैन , सितंबर 27 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्राचीन एवं धार्मिक नगरी उज्जैन की आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में अवंतिका नगरी जैसा दूसरा कोई नगर नहीं है, जिसे चारों ओर से नदी ने घेरा हो।

डॉ. यादव आज यहां दशहरा मैदान में आयोजित पंख मैराथन दौड़ के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मोक्षदायिनी शिप्रा की उपस्थिति के कारण उज्जैन का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। उज्जैन की धरती देवताओं की उपस्थिति एवं साधना के लिए प्राचीन काल से ही महत्वपूर्ण रही है।

मैराथन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर विभिन्न योगासन कर उपस्थित लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। इस दौरान 70 से 80 वर्ष आयु वर्ग के पुरुष एवं महिला योग साधकों तथा बालिकाओं ने भी योगासन और सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने योग साधकों की सराहना करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

मैराथन के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों एवं धावकों से हाथ मिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया और उपस्थित लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। मैराथन में बड़ी संख्या में युवा, बच्चे, बुजुर्ग एवं महिला-पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मैराथन दशहरा मैदान से प्रारंभ होकर तरणताल, कोठी रोड, देवास रोड, पाइप फैक्ट्री, विक्रम नगर रेलवे स्टेशन होते हुए पुलिस लाइन के सामने से पुन: दशहरा मैदान पहुंचकर संपन्न हुई। इसमें करीब दो हजार से अधिक धावकों ने भाग लिया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित