चंडीगढ़ , अक्टूबर 19 -- हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना बच्चों और माताओं के पोषण स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में अगस्त 2020 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना तथा कुपोषण और एनीमिया की समस्या से निपटना है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत राज्यभर के आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से सप्ताह में दो बार पौष्टिक खाद्य उत्पाद वितरित किए जाते हैं। योजना का लाभ एक से छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को दिया जाता है।
एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, योजना के तहत लाभार्थियों को 200 मिलीलीटर फोर्टिफाइड स्किम्ड मिल्क, 45 ग्राम सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर इंस्टेंट खीर मिक्स और 30 ग्राम प्रोटीन मिल्क बार उपलब्ध कराए जाते हैं। दूध में विटामिन ए और डी2 जैसे आवश्यक पोषक तत्व शामिल हैं। इन उत्पादों का उद्देश्य लाभार्थियों की प्रोटीन और कैलोरी संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहायता करना है।
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