बैतूल , जून 27 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बैतूल जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुकरू के दौरे के दौरान प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ-साथ स्थानीय स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय स्तर पर तैयार किए जाने वाले प्रसिद्ध मावा और रबड़ी का स्वाद चखा तथा महिला समूहों के स्वरोजगार मॉडल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बताया।
मुख्यमंत्री ने कुकरू स्थित सिपना सनसेट पॉइंट पहुंचकर सूर्यास्त के मनोहारी दृश्य का अवलोकन किया। चारों ओर फैली हरियाली, पर्वतीय श्रृंखलाओं और शांत प्राकृतिक वातावरण को देखकर उन्होंने कहा कि कुकरू में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र की प्राकृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां आकर्षित हो सकें और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलें।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने महिलाओं से उनके स्वरोजगार, आय के स्रोत, उत्पाद निर्माण और शासकीय योजनाओं से मिलने वाले लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे मावा की निर्माण प्रक्रिया को भी देखा और स्थानीय मावा तथा रबड़ी का स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्व-सहायता समूह महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे उद्यमों के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी योगदान दे रही हैं।
महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मावा, रबड़ी और श्रीखंड निर्माण जैसे व्यवसायों से जुड़ी हैं। इन गतिविधियों से उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है और समूह आधारित कार्य प्रणाली के कारण आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने बताया कि आधुनिक मशीनों की मदद से मावा उत्पादन किया जा रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ी है और बाजार की मांग के अनुरूप बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिलाओं से लाड़ली बहना योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि विभिन्न योजनाओं का नियमित लाभ मिलने से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री के कुकरू प्रवास के दौरान जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने स्व-सहायता समूहों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय पर्यटन को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा पर्यटन, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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