भुवनेश्वर , जुलाई 10 -- ओडिशा के प्रमुख विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा )सरकार पर आरोप लगाया है कि "डबल इंजन सरकार" के तहत विकास के दावों के बावजूद, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के गृह जिले केओंझर में आदिम जुआंग आदिवासी समुदाय के लोग स्थानीय स्तर पर रोजगार न मिलने से आजीविका की तलाश में पलायन कर रहे हैं।
यह आरोप केओंझर जिले के तेलकोइ, बंसपाल और हरिचंदनपुर ब्लॉकों के 15 जुआंग आदिवासी श्रमिकों की मौत के कारणों की पड़ताल के बाद लगाया गया है। ये लोग काम की तलाश में तमिलनाडु गए थे और वहां एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस रिसाव के कारण उनकी जान चली गई।
बीजद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री संजय दास बर्मा के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने केओंझर के प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ितों के घर जाकर उनके परिवारों से बातचीत की। उन्हें पता लगा कि इन श्रमिकों को स्थानीय रोजगार नहीं मिला तो वे ओडिशा से तमिलनाडु में एक झींगा प्रसंस्करण कंपनी में काम करने चले गए। इस कंपनी में हुए अमोनिया गैस रिसाव के बाद उनकी मृत्यु हो गई।
इस घटना को ओडिशा के लिए "दुखद और शर्मनाक" बताते हुए श्री बर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के गृह जिले के प्रवासी श्रमिकों से जुड़ी बार-बार होने वाली घटनाओं ने राज्य सरकार की विफलता को उजागर कर दिया है।
उन्होंने केओंझर की एक पिछली घटना का हवाला देते हुए बताया कि कुछ दिनों पहले एक व्यक्ति मृत बहन के अवशेष बैंक लेकर पहुंचा था। उन्होंने कहा कि हालिया त्रासदी ने एक बार फिर सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद किसी भी मंत्री ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात नहीं की। हालांकि कई रोजगार योजनाएं लागू हैं, फिर भी इस आदिम आदिवासी समुदाय के सदस्यों को काम की तलाश में राज्य से बाहर पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मृतकों की कुछ बेटियों को भी उनके परिवारों की जानकारी के बिना रोजगार के लिए राज्य से बाहर भेजा गया था और उन्होंने जिला श्रम प्रशासन पर इस मुद्दे को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 2 वर्षों में विकास गतिविधियां व्यावहारिक रूप से ठप हो गई हैं, जिससे लोग पलायन करने और कुछ मामलों में अपनी जान गंवाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
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