चेन्नई , जुलाई 21 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की हड्डियां तोड़ देने की धमकी के आरोप में सोमवार की सुबह गिरफ्तार विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) विधायक जीवी मार्कंडेयन को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

मार्केडेयन को गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के लिए थूथुकुडी जिले के पुलिस अधीक्षक के पास लाया गया और उनसे 12 घंटे तक पूछताछ की गयी। इस दौरान उनके समर्थकों और द्रमुक नेताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। उन्हें पूछताछ के बाद चिकित्सा जांच के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया। उन्हें बाद में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद उन्हें पलायमकोट्टई केंद्रीय जेल ले जाया गया।

तमिलनाडु के दक्षिणी थुथुकुड़ी जिले के विलाथिकुलम विधानसभा क्षेत्र से विधायक मार्केंडेयन ने आरोप लगाया कि उन्हें चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल ले जाते समय पूछताछ के दौरान पुलिस ने उन पर हमला करने की कोशिश की और बंदूक की नोक पर उन्हें धमकाया।

यह मामला थूथुकुडी जिले के कोविलपट्टी में आयोजित द्रमुक की एक बैठक में श्री मार्केंडेयन के भाषण से जुड़ा है जिसमें उन्होंने कहा था कि वह मुख्यमंत्री की हड्डियां तोड़ देंगे। इसे मुख्यमंत्री को धमकी देने के रूप में देखा गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी, जिससे उनकी काफी आलोचना हुई।

इस बीच विधायक के बेटे अक्षय ने अपने पिता से लगभग 12 घंटे तक पूछताछ करने के बाबत पुलिस की आलोचना करते हुए उनके व्यवहार के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात कही। उन्होंने अपने पिता के बारे में बताते हुए कहा कि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं। उन्हें डायबिटीज और दिल की बीमारी है, फिर भी बैठक में दिये गये सिर्फ पांच मिनट के भाषण के लिए उनसे 12 घंटे से अधिक पूछताछ की गयी।

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