चंपावत , सितंबर 06 -- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की चंपावत विधानसभा घोषणा के दूरस्थ एवं नेटवर्क विहीन क्षेत्रों को आधुनिक संचार सुविधा से जोड़ने के लिए 4.97 करोड़ रुपये की वायरलेस नेटवर्क परियोजना पर तेजी से कार्य चल रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य आपदा के दौरान सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान, प्रभावी मॉनिटरिंग तथा राहत एवं बचाव कार्यों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार परियोजना के तहत मंच, बुड़म, ककनई एवं डांडा गांव सहित प्रमुख नेटवर्क विहीन क्षेत्रों को टनकपुर से प्वाइंट-टू-प्वाइंट वायरलेस कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। प्रथम चरण में इन क्षेत्रों के विद्यालयों, चिकित्सालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायतों, सीएचसी तथा पुलिस व पटवारी चौकियों को नेटवर्क से जोड़ा जाना प्रस्तावित है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि परियोजना की नियमित निगरानी की जा रही है और इसे सितंबर माह में ही पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में विश्वसनीय संचार सुविधा उपलब्ध होने से आपदा की स्थिति में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच त्वरित समन्वय स्थापित होगा, जिससे रिस्पांस टाइम बेहतर होगा।
परियोजना के लिए सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है, जबकि इस कार्य के लिए धनराशि राज्य आपदा मोचन निधि के क्षमता विकास मद से स्वीकृत की गई है। परियोजना पूर्ण होने से जहां आपदा प्रबंधन तंत्र मजबूत होगा, वहीं दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं एवं निगरानी व्यवस्था के विस्तार को भी गति मिलेगी।
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