रांची , जून 24 -- झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस और आजसू नेता देवशरण भगत को मुख्यमंत्री आवास घेराव मामले में अदालत से राहत नहीं मिली है।

अपर न्यायायुक्त अमित शेखर की अदालत ने डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने के खिलाफ दायर उनकी क्रिमिनल रिवीजन याचिका को भी खारिज कर दिया।

मामले में रामचंद्र सहिस और देवशरण भगत के खिलाफ आरोप भी गठित हो चुके हैं। इस मामले की सुनवाई वर्तमान में एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में चल रही है।

ज्ञातव्य है कि इस मामले में आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, पूर्व विधायक शिवपूजन मेहता और प्रदेश प्रवक्ता देवशरण भगत समेत कई नेता आरोपी हैं। इनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, बिना अनुमति रैली निकालने तथा अन्य आरोपों को लेकर लालपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

यह मामला वर्ष 2021 का है, जब ओबीसी आरक्षण बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आजसू पार्टी ने मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम का आह्वान किया था। कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता मोरहाबादी मैदान में एकत्र हुए थे और वहां से रैली निकालकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि पुलिस ने मोरहाबादी क्षेत्र में ही रैली को रोक दिया था, जिसके बाद यह मामला दर्ज किया गया था।

अदालत द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद अब आरोपित नेताओं के खिलाफ विशेष अदालत में मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी।

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