कोलकाता , जून 21 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड करने के कोलकाता नगर निगम (केएससी) के निर्णय का स्वागत करते हुए इस कदम को एक ऐतिहासिक गलती में सुधार करने का लंबा इंतजार करार दिया।
उल्लेखनीय है कि केएमसी ने शनिवार को पश्चिमबंग दिवस (पश्चिम बंगाल राज्य दिवस) के मौके पर नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिससे इस निर्णय के ऐतिहासिक महत्व और दोनों नामों से जुड़ी हस्तियों पर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई। श्री अधिकारी ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे एक ऐसे व्यक्ति को सम्मान देकर ऐतिहासिक न्याय बहाल करने में मदद मिलेगी, जिसे उन्होंने बंगाल के इतिहास के उथल-पुथल भरे दौर में बेगुनाह लोगों की जान बचाने वाला बताया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, "मैं कल पश्चिमबंग दिवस के पवित्र अवसर पर कोलकाता नगर निगम के लिए गए ऐतिहासिक निर्णय की सराहना करता हूं, जो एक ऐतिहासिक गलती को सुधारने में मददगार होगा। सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम अब गोपाल मुखर्जी रोड रखा जाएगा।"श्री अधिकारी ने सड़क के मौजूदा नाम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि दशकों से कोलकाता की एक बड़ी सड़क का नाम एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर था जिसने 'जानबूझकर सरकारी ताकत का हथियार के तौर पर गलत इस्तेमाल किया' और राजनीतिक मकसद के लिए बेगुनाह नागरिकों के खिलाफ हिंसा के लिए जिम्मेदार था। उन्होंने कहा कि गोपाल मुखर्जी एक हिम्मत वाले इंसान के तौर पर उभरे जिन्होंने सांप्रदायिक अशांति के समय हजारों बेगुनाह लोगों की जान बचाने और उनकी रक्षा करने का काम किया।
श्री अधिकारी ने लिखा, "हजारों बेगुनाह लोगों की जान बचाने और उनकी रक्षा करने के लिए सबसे बड़े रक्षक के तौर पर आगे आने वाले निडर इंसान श्री गोपाल मुखर्जी के नाम पर इसका नाम बदलकर आखिरकार एक सच्चे रक्षक को सम्मान देकर ऐतिहासिक न्याय की बहाली होगी। वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि इस निर्णय से यह पक्का करने में मदद मिलेगी कि जिन लोगों को उन्होंने 'असली हीरो' कहा, उनके योगदान को ठीक से याद किया जाए।
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