जयपुर , फरवरी 28 -- मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से साढ़े तीन वर्ष की एक बाघिन का राजस्थान में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (एमएचटीआर) कोटा में शनिवार सुबह सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया गया।
वन विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राजस्थान में बाघ संरक्षण के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह मध्य प्रदेश से राजस्थान के लिए दूसरी अंतरराज्यीय बाघ स्थानांतरण की सफलता है। इससे पूर्व पेंच टाइगर रिजर्व से एक बाघिन का सफलतापूर्वक स्थानांतरण कर रामगढ़ विश्धारी टाइगर रिजर्व में स्थापित किया गया था।
बाघिन को एमएचटीआर की झामरा घाटी स्थित एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के सॉफ्ट रिलीज एनक्लोजर में सुबह साढ़े आठ बजे छोड़ा गया। एक समर्पित विशेषज्ञ टीम द्वारा चौबीस घंटे निगरानी की जाएगी, जिसमें व्यवहार, स्वास्थ्य एवं अनुकूलन से संबंधित सभी मानकों का अवलोकन एनटीसीए के मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। सफल अनुकूलन एवं सभी मानकों के संतोषजनक मूल्यांकन के पश्चात बाघिन को मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक आवास में मुक्त किया जाएगा।
बाघिन को शुक्रवार को दोपहर 12.45 बजे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र की जगुआ बीट में सुरक्षित रूप से बेहोश किया गया। अंतरराज्यीय स्थानांतरण के लिए एनटीसीए दिशानिर्देशों के अनुरूप एक उपयुक्त बाघिन की तलाश एवं सतत निगरानी के लिए अनुभवी फील्ड ट्रैकर्स, हाथी दस्ता, वन्यजीव चिकित्सकों एवं फील्ड जीव विज्ञानियों की समर्पित टीम कार्यरत थी। लगातार और सूक्ष्म प्रयासों के उपरांत चिह्नित बाघिन को सफलतापूर्वक ढूंढकर सुरक्षित रूप से बेहोश किया गया। बेहोशी के पश्चात विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जैविक नमूने एकत्रित किए गए, सभी शारीरिक एवं जीवन संबंधी मानकों का रिकॉर्ड संधारित किया गया तथा पोस्ट-रिलीज मॉनिटरिंग हेतु रेडियो कॉलर लगाया गया।
सफलतापूर्वक होश में आने के बाद बाघिन को सावधानीपूर्वक ट्रांसपोर्ट क्रेट में स्थानांतरित किया गया तथा विशेषज्ञों की निगरानी में काफिला राजस्थान के लिए रवाना हुआ। आज प्रातः काफिला मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व पहुंचा जहां बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एवं मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ वन अधिकारियों, वन्यजीव चिकित्सकों एवं जीवविज्ञानियों की संयुक्त टीम मौजूद रही।
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