पन्ना , सितंबर 14 -- मध्यप्रदेश में पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में निर्मित मझगांय बांध के विस्थापित उचित मुआवजे एवं पुनर्वास की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। बांध के डूब क्षेत्र में घरों तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश है। बढ़ते जलस्तर और विस्थापन की समस्याओं को लेकर जय किसान संगठन के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में तीन दिन से चिता आंदोलन चलाया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार पानी तेजी से गांव की ओर बढ़ रहा है और कई घरों में पानी भरता जा रहा है। पानी लगातार बढ़ने से ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोग बीमार हैं और अनेक परिवार अपने घर, खेत एवं भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

ग्रामीणों के अनुसार वे कई बार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ज्ञापन देकर अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग कर चुके हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि कई पात्र परिवारों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। मुआवजे की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार एवं पैसों की मांग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।

आंदोलनकारियों का आरोप है कि गांव डूबने की कगार पर होने और घरों में पानी प्रवेश करने के बावजूद जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी दिखाई नहीं दे रही है। ग्रामीणों ने सत्ता पक्ष के स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि चिता आंदोलन का आज तीसरा दिन है और हर दिन पानी गांव की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों ने बार-बार ज्ञापन देकर अधिकारियों से न्याय की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर मजबूर होकर आंदोलन शुरू करना पड़ा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है और उनकी मांगें भी बढ़ती जा रही हैं।

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