मुंबई , जून 28 -- महाराष्ट्र में सहार पुलिस ने 49 साल के उस टैक्सी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है, जिस पर छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा के बाहर यात्री बनकर आए गुप्तचर पुलिसकर्मियों को डराने-धमकाने का आरोप है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
आरोपी की पहचान वारिसअली सय्यदुद्दीन शेख के रूप में हुई है और उस पर जबरन वसूली का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने उसकी गाड़ी जब्त करते हुए उसके ड्राइविंग लाइसेंस को निरस्त करने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) भेज दिया है।
यह घटना 25 जून को उस समय घटित हुई, जब सहार पुलिस हवाईअड्डा पर यात्रियों से अधिक पैसे वसूलने वाले ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों पर नियंत्रण लगाने के लिए एक विशेष अभियान चला रही थी। इस अभियान के तहत पुलिस कॉन्स्टेबल देवीदास सोनवणे (56) और कॉन्स्टेबल अक्षय बोराटे को सादे कपड़ों में नकली यात्री बनाकर तैनात किया गया था। उनके साथ दो गवाह अवनीश तिवारी और सिद्धेश खेडेकर भी थे।
प्राथमिकी के मुताबिक शेख पहले तो नकली यात्रियों को 550 रुपये में बोरीवली ले जाने के लिए तैयार हो गया। लेकिन रास्ते में उसने 800 रुपये की मांग की। उससे जब पूछा गया, तो उसने आक्रामक होते हुए यात्रियों को 'गंभीर परिणाम' भुगतने की धमकी दी और चुपचाप बैठे रहने को कहा।
कॉन्स्टेबल सोनवणे ने कहा, "उसका व्यवहार बहुत हिंसक था और उसने डर का माहौल पैदा कर दिया।" टीम ने तुरंत टैक्सी को रोका और शेख को गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब है कि 48 घंटे से भी कम समय में यह इस तरह का दूसरा मामला था। सहार पुलिस ने 23 जून को जोगेश्वरी पश्चिम के रहने वाले 45 साल के ऑटो-रिक्शा ड्राइवर मोहम्मद असलम शेख को हयात सिग्नल के पास इसी तरह के हालात में जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित