मुंबई , जुलाई 27 -- बृहन्मुंबई नगर निगम ने सोमवार को कहा कि शहर के सात जलाशयों में भारी बारिश के कारण पानी का जलग्रहण क्षेत्र तेज़ी से बढ़ा है जिससे आज मुंबई में पीने के पानी का भंडार 88 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गया।
बीएमसी के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग के अनुसार, सोमवार सुबह छह बजे उपरी वैतरणा, मोदक सागर, तान्सा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी जलाशयों में कुल पानी भंडार 12,79,534 मिलियन लीटर था, जो कुल 14,47,363 मिलियन लीटर भंडारण क्षमता का 88.40 प्रतिशत है।
रविवार सुबह छह बजे से सोमवार सुबह छह बजे के बीच जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण, पिछले 24 घंटों में पानी का भंडार 2.22 प्रतिशत बढ़ गया।
जलाशयों में मोदक सागर, विहार और तुलसी अपनी पूरी क्षमता तक भर चुके हैं और पानी बह रहा है, जबकि तान्सा अपनी भंडार क्षमता के 98.45 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हाल ही में हुई बारिश के बाद उपरी वैतरणा और मध्य वैतरणा में भी पानी काफ़ी अच्छी मात्रा में जमा हुआ है।
मुंबई में पीने के पानी की आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा स्रोत 'भाटसा' अभी अपनी भंडारण क्षमता के 82.68 प्रतिशत पर है। पिछले 24 घंटों में भाटसा जलग्रहण क्षेत्र में सबसे ज़्यादा 159 मिमी बारिश हुई, जिससे जलाशय में पानी की आवक में काफी बढ़ोतरी हुई है।
अन्य जलाशयों के जलग्रहण क्षेत्रों में भी मध्यम से भारी बारिश हुई, जिससे पानी के भंडार में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हुई।
जलाशयों में पानी का स्तर लगातार बढ़ने के कारण नगर निकाय ने कहा है कि मानसून की शुरुआत की तुलना में शहर में पानी की स्थिति में बहुत सुधार हुआ है जिससे आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता कम हो गई है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि जलाशय के जलस्तर पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है क्योंकि पानी का आवक मानसून के बचे हुए समय में बारिश की तीव्रता एवं वितरण पर निर्भर करता है।
मुंबई को रोज़ाना पीने का पानी ठाणे, नासिक और पालघर ज़िलों में मौजूद सात जलाशयों से मिलता है जिनकी कुल भंडारण क्षमता 14.47 लाख मिलियन लीटर है।
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