मुंबई , सितंबर 14 -- मुंबई में भगवान गणेश का स्वागत सोमवार को भव्य जुलूसों, ढोल-ताशों की गूंज और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया जा रहा है और पूरा शहर 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों से गूंज उठा है।

हजारों भक्त मूर्तियों का स्वागत करने और उनके पहली बार दर्शन करने के लिए जुलूस के रास्तों पर जमा हुए। मुख्य आकर्षणों में 'लालबागचा राजा' शामिल था, जो मुंबई की सबसे प्रमुख और सम्मानित गणेश मूर्तियों में से एक है। इस मूर्ति को विस्तृत रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच 'लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल' में स्थापित किया गया। दर्शन के लिए सुबह से ही लालबाग में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचने लगे थे।

पास के गणेश गली के 'मुंबईचा राजा' ने भी भीड़ को आकर्षित किया। इस ऐतिहासिक मंडल की मूर्ति को पारंपरिक जुलूस के साथ सजाए गए पंडाल में लाया गया, जिसमें लालबाग और परेल की सड़कों पर भक्तों की कतारें लगी थीं। एक और मुख्य आकर्षण 'चिंचपोकलीचा चिंतामणि' था, जिसके आगमन जुलूस में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। चिंचपोकली-परेल क्षेत्र से निकले इस जुलूस में पारंपरिक ढोल-ताशे का प्रदर्शन और गणेश भक्तों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। मध्य मुंबई में 'परेलचा राजा' और कई अन्य प्रमुख मूर्तियों का भी पारंपरिक समारोहों के साथ स्वागत किया गया।

मध्य मुंबई में 'परेलचा राजा' और कई अन्य प्रमुख मूर्तियों का भी पारंपरिक समारोहों के साथ स्वागत किया गया। दक्षिण मुंबई में 'खेतवाड़ीचा गणराज', 'फोर्टचा राजा', 'धोबी तालाबचा मोरया' और अन्य प्रसिद्ध मंडलों ने अपनी मूर्तियों के आगमन के कार्यक्रम पूरे किये और अपने-अपने गणेशोत्सव समारोह शुरू किये। किंग्स सर्कल-माटुंगा स्थित 'जीएसबी सेवा मंडल' ने विस्तृत धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ गणेशोत्सव मनाने की अपनी अनूठी परंपरा को जारी रखा। मूर्ति को भारी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषणों से सजाया गया था, जिसने मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों से भक्तों को आकर्षित किया।

'मुंबई सेंट्रलचा राजा' की मूर्ति के आगमन के बाद सोमवार सुबह उसकी भी 'प्राण प्रतिष्ठा' का समारोह संपन्न हुआ। मूर्ति स्थापना समारोह के बाद धार्मिक कार्यक्रम, भजन और आरती का आयोजन किया गया। पूरे शहर में मंडलों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किए, जिसके बाद आरती हुई और भक्तों के लिए दर्शन शुरू किये गये। कई मंडलों ने त्योहार के दौरान सांस्कृतिक, सामाजिक और परोपकारी कार्यक्रम भी आयोजित किये हैं।

बीएमसी और मुंबई पुलिस ने बड़े गणेश मंडलों में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए व्यापक इंतजाम किये हैं। खासकर लालबाग-परेल, चिंचपोकली, दादर, माटुंगा और दक्षिण मुंबई इलाकों में यातायात प्रबंधन, भीड़ पर नियंत्रण, सुरक्षा, सफाई, पीने के पानी, चिकित्सा मदद और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष इंतजाम किये गये हैं।

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