मुंबई , अप्रैल 28 -- मुंबई के घनी आबादी वाले पायधोनी इलाके में रिश्तेदारों एवं दोस्तों के लिए आयोजित एक समारोह में एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध खाद्य विषाक्तता के कारण मौत हो गयी। मौत का सटीक कारण हालांकि अभी तक स्पष्ट नहीं है और इसकी जांच चल रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार रात लगभग 10:30 बजे परिवार के सदस्यों एवं रिश्तेदारों सहित नौ लोगों ने एक साथ भोजन किया, जिसमें बिरयानी परोसी गयी थी। मेहमानों के जाने के बाद, परिवार ने रात एक बजे से 1:30 बजे के बीच तरबूज खाया।
रविवार की सुबह लगभग पांच से छह बजे के बीच, परिवार के सदस्यों को उल्टी, दस्त और असहनीय बेचैनी जैसे लक्षण महसूस होने लगे। एक स्थानीय डॉक्टर को बुलाया गया, जिन्होंने प्रारंभिक उपचार किया और तुरंत अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी।
उन्हें पहले एम.एच. सबू सिद्दीकी प्रसूति एवं सामान्य अस्पताल ले जाया गया और बाद में बायकुला स्थित सर जे.जे. अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। चिकित्सा प्रयासों के बावजूद परिवार के चारों सदस्यों की इलाज के दौरान मौत हो गयी।
पुलिस ने जेजे मार्ग थाने में आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है। शव का पोस्टमार्टम किया जा चुका है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि मौत का सटीक कारण हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही पता चलेगा।
जांच के अंतर्गत खाद्य पदार्थों के नमूने जब्त कर विश्लेषण के लिए भेजे गये हैं। अधिकारी सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि क्या दूषित खाद्य सामग्री या कोई अन्य कारक मौतों का कारण हो सकता है।
उसी इमारत में रहने वाले डॉ. ज़ैद कुरैशी ने बताया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे, तो पीड़ित अर्धचेतन अवस्था में थे। उन्होंने बताया कि छोटी पुत्री की नब्ज़ नहीं चल रही थी, इसलिए उन्होंने तुरंत सीपीआर शुरू किया। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार के मुखिया ने उन्हें रात के खाने में बिरयानी और आधी रात के बाद तरबूज खाने की जानकारी दी थी।
खबरों के अनुसार तरबूज नल बाजार इलाके से खरीदा गया था। फलों में मिलावट या दूषित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। बताया जा रहा है कि बेहोश होने से पहले पीड़ितों को बार-बार उल्टी और दस्त हो रहे थे।पुलिस उपायुक्त प्रवीण मुंडे ने पुष्टि किया कि परिवार ने 25 अप्रैल को रिश्तेदारों की मेजबानी की थी, रात लगभग 10.30 बजे भोजन किया था और बाद में रात में तरबूज खाया था, जिसके बाद सुबह तड़के उल्टी और दस्त होने लगे।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में कोई अन्य पहलू भी शामिल हो सकता है, क्योंकि सभी व्यक्तियों ने एक ही तरह का भोजन किया था, लेकिन केवल चार सदस्यों की ही मौत हुई।
इस बीच, एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व विधायक वारिस पठान ने घटना की गहन जांच की मांग की। उन्होंने इस घटनाक्रम को दुखद एवं गंभीर बताते हुए सरकार से इसके सटीक कारण का पता लगाने और जांच के निष्कर्षों को सार्वजनिक करने का आग्रह किया।
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