मुंबई , सितंबर 01 -- मुंबई में मंगलवार से ऑटो रिक्शा किराया और सीएनजी-पीएनजी की कीमतों में बढ़ोत्तरी होने से लाखों यात्रियों और परिवारों का खर्चा बढ़ गया है।
सीएनजी से चलने वाले ऑटो-रिक्शा और काली-पीली टैक्सियों के नए किराए उसी दिन लागू हुए, जिस दिन महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) ने सीएनजी और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की कीमतें बढ़ाईं।
मुंबई महानगर क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण ने मुंबई महानगर (एमएमआर) में चलने वाले सीएनजी ऑटो-रिक्शा और काली-पीली टैक्सियों के लिए नए किराए को मंज़ूरी दी है। नई दरें मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, मीरा-भायंदर और मेट्रोपॉलिटन इलाके के दूसरे हिस्सों में लागू होंगी।
ऑटो-रिक्शा के लिए शुरुआती 1.5 किलोमीटर का कम-से-कम किराया एक रुपये बढ़कर 26 रुपये से 27 रुपये हो गया है। काली-पीली टैक्सियों के लिए शुरुआती 1.5 किलोमीटर का कम-से-कम किराया दो रुपये बढ़कर 31 रुपये से 33 रुपये हो गया है।
कम-से-कम दूरी के बाद प्रति किलोमीटर का किराया भी बदला गया है। ऑटो-रिक्शा का किराया 17.14 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़कर 18.22 रुपये प्रति किलोमीटर हो गया है, जबकि टैक्सी का किराया 20.66 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़कर 21.90 रुपये प्रति किलोमीटर हो गया है। यह बदलाव लगभग 18 महीनों में पहली बड़ी बढ़ोतरी है। पिछली बार किराया एक फरवरी, 2025 को बदला गया था, जब ऑटो-रिक्शा और टैक्सी दोनों के किराए में तीन रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।
नया किराया चार सदस्यों वाली खटुआ समिति के सुझाए फ़ॉर्मूले के आधार पर तय किया गया है, जिसमें ईंधन की कीमतों और दूसरे ऑपरेटिंग खर्चों को ध्यान में रखा जाता है।
किराए में हुए इस बदलाव का असर एमएमआर में सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले बहुत से लोगों पर पड़ेगा, जहाँ 4.5 लाख से ज़्यादा ऑटो-रिक्शा और 50,000 से ज़्यादा काली-पीली टैक्सियाँ चलती हैं, और इनमें से ज़्यादातर गाड़ियाँ ईंधन के तौर पर सीएनजी का इस्तेमाल करती हैं। जब तक ऑटो-रिक्शा और टैक्सी के इलेक्ट्रॉनिक मीटर री-कैलिब्रेट (फिर से सेट) नहीं हो जाते, तब तक ड्राइवर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) से मंज़ूर टैरिफ कार्ड दिखाकर तुरंत बढ़ा हुआ किराया ले सकते हैं। ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ऑपरेटरों को अपने इलेक्ट्रॉनिक मीटर री-कैलिब्रेट करने के लिए नवंबर 2026 के आखिर तक का समय दिया गया है।
वहीं, यात्रियों ने रोज़ाना के यात्रा खर्च में बढ़ोतरी पर चिंता जताई है और ज़्यादा किराए के बदले मिलने वाली सेवा की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। परिवहन किराए में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब एमजीएल ने सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में नई बढ़ोतरी का ऐलान किया है। गैस की नई कीमतें 31 अगस्त और एक सितंबर की आधी रात से लागू हो गईं।
एमजीएल ने सीएनजी की कीमत दो रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दी है, जिससे मुंबई और उसके आसपास सीएनजी की कीमत 88 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। कंपनी ने घरेलू पीएनजी की कीमत भी एक रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर बढ़ा दी है, जिससे बदली हुई घरेलू पीएनजी की दर 53 रुपये प्रति सीएसएम हो गई है। सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी से एमजीएल के नेटवर्क में लगभग 12.93 लाख वाहनों पर असर पड़ने की उम्मीद है, जिसमें ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, निजी गाड़ियां और परिवहन प्राधिकरण द्वारा चलाई जाने वाली गाड़ियां शामिल हैं।
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