चेन्नई , जनवरी 12 -- आईपीएस की नौकरी छोड़़कर भारतीय जनता पार्टी में आये के.अन्नामलाई ने सोमवार को ठाकरे परिवार को चुनौती देते हुए कहा कि अगली बार जब वे मुंबई का दौरा करेंगे तो वे उन्हें छूकर दिखाएं।

उन्होंने कहा कि मुझे मुंबई आने से कोई नहीं रोक सकता। मैं एक किसान का बेटा हूं और मुझे डराया नहीं जा सकता।

श्री अन्नामलाई ने चेन्नई हवाई अड्डे पर मीडिया से बेबाक लहजे में कहा, "मैं मुंबई आऊंगा। मैं निश्चित रूप से आ रहा हूं। आप मुझे छू भी नहीं सकते। अगर आप मेरी टांग काटने की कोशिश करते हैं फिर भी मैं आउंगा। अगर मैं ऐसी धमकियों से डरता तो मैं कभी कोयंबटूर से बाहर कदम नहीं रखता।"उन्होंने कहा, "मैं इस बात से काफी परेशान हूं कि शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे के प्रमुख राज ठाकरे जैसे लोग मुझे निशाना बनाकर एक सार्वजनिक सभा में मुझे धमकियां दे रहे हैं। वहां कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनका कोई काम नहीं है फिर भी वे मुझे धमकियां दे रहे हैं और मुझे डराने की कोशिश कर रहे हैं।"उन्होंने व्यंग्यगात्मक लहजे में कहा, "ठाकरे कौन होते हैं मुझे धमकाने वाले?... मेरे माता-पिता भेड़ पालते हैं। वे मवेशी चराने वालों के बेटे को निशाना बनाने के लिए सार्वजनिक सभाएं कर रहे हैं।"श्री अन्नामलाई ने कहा, "अगर मैं कहूँ कि कामराज (कांग्रेस के दिग्गज नेता और दिवंगत मुख्यमंत्री, जिनके शासनकाल को तमिलनाडु का स्वर्ण युग माना जाता है) भारत के महानतम नेताओं में से एक हैं तो क्या इसका मतलब यह है कि वे अब तमिल नहीं रहे? इसी तरह, अगर मैं कहूँ कि मुंबई एक विश्व स्तरीय शहर है, तो क्या इसका मतलब यह है कि इसे महाराष्ट्रियों ने नहीं बनाया? ये लोग अज्ञानी हैं।"तमिलनाडु के भाजपा नेता को लेकर चल रहा विवाद, 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनावों में भगवा पार्टी के लिए प्रचार के दौरान उनके द्वारा दिए गए बयान का परिणाम था।

उन्होंने कहा था कि केंद्र में नरेन्द्र मोदी जी, राज्य में देवेंद्र फडणवीस जी और बीएमसी में भाजपा के मेयर क्योंकि बॉम्बे महाराष्ट्र का शहर नहीं बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय शहर है। उन्होंने यह बयान शहर के पश्चिमी उपनगरों में अपने चुनाव प्रचार के दौरान दिया था जहां तमिल आबादी काफी अधिक है। ट्रिपल इंजन वाली सरकार की उनकी मांग को मुंबई को शेष महाराष्ट्र से अलग करने के रूप में देखा गया और मुंबई के बजाय बॉम्बे शब्द का उनका उपयोग भी पहचान की राजनीति से जुड़े दलों को अप्रिय लगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित