मुंबई , अक्टूबर 17 -- मुंबई के होटल और रेस्तरां में अगले एक-दो हफ्तों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
भारतीय होटल एवं रेस्टोरेंट संघ (एएचएआर) ने संकेत दिया है कि बढ़ती परिचालन लागत को संतुलित करने के लिए मेनू की कीमतों में संशोधन करना जरूरी हो सकता है।
पिछले कुछ महीनों में खुदरा बाजार में सब्जियों, अनाज, दालों और खाने के तेल की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति ने मुंबई में कृषि उत्पादों की आपूर्ति को प्रभावित किया है जिससे सब्जियों की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी हुई है। बढ़ती वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतें और बढ़ते वाणिज्यिक किराए ने होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों पर आर्थिक दबाव भी बढ़ा दिया है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों के संचालन की बढ़ती लागत के कारण व्यवसायों के लिए मेन्यू की कीमतों को बढ़ाये बिना इन्हें चलाना मुश्किल होता जा रहा है। संघ के अनुसार, कच्चे माल की लागतों में निरंतर वृद्धि के बीच खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी अनिवार्य हो सकती है। सिर्फ खाने की चीजें नहीं बल्कि चाय और नाश्ता भी पहले ही महंगा हो गया है जबकि प्रस्तावित संशोधन से होटल और रेस्टोरेंट में परोसी जाने वाली खाने की लगभग सभी चीजें प्रभावित हो सकती हैं। आप कौन सा खाना ऑर्डर करते हैं और वह खाद्य प्रतिष्ठान किस जगह से है उसके आधार पर कुछ चीजों की कीमत में अतिरिक्त 10 से 20 रुपये तक का फर्क पड़ सकता है।
प्रस्तावित बढ़ोतरी का असर ऑफिस जाने वालों, परिवार से दूर रहने वाले छात्रों और उन लोगों पर पड़ने की उम्मीद है जो नियमित रूप से ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते हैं। जो लोग रोज़ाना के खाने के लिए होटलों और रेस्तरां पर निर्भर हैं उन्हें अपने मासिक भोजन खर्च में काफी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है।
एएचएआर के मुंबई और आस-पास के इलाकों में 25,000 से ज्यादा सदस्य हैं, जिनमें रेस्टोरेंट और बार शामिल हैं। एएचएआर के अध्यक्ष विजय शेट्टी ने कहा कि संशोधित मेन्यू की कीमतें अगले हफ्ते से लागू हो सकती हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित