मुंबई , जुलाई 28 -- समुद्री डकैती के एक मामले में मुंबई की विशेष अदालत से हाल ही में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले 44 सोमाली नागरिकों ने भारत और सोमालिया सरकार से उन्हें शेष सजा अपने देश में पूरी करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। कानूनी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, दोषियों ने सजा सुनाए जाने के अगले दिन केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारत में सोमालिया के दूतावास तथा सोमालिया के संबंधित अधिकारियों को आवेदन भेजे हैं। इन आवेदनों में वर्ष 2017 के भारत- सोमालिया सजायाफ्ता व्यक्तियों के स्थानांतरण समझौते के तहत उन्हें सोमालिया भेजने का अनुरोध किया गया है।
वर्तमान में तलोजा केंद्रीय कारागार में बंद इन दोषियों की ओर से यह आवेदन मुंबई लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (एलएडीसीएस) के प्रमुख अधिवक्ता सम्यक गिमेकर और अधिवक्ता सुमित कोकाटे के माध्यम से दायर किये गये हैं।
यदि भारत और सोमालिया, दोनों सरकारें इस अनुरोध को मंजूरी देती हैं तो यह द्विपक्षीय समझौते के तहत सजायाफ्ता कैदियों के स्थानांतरण का पहला मामला होगा। इस समझौते के तहत दोनों देशों के नागरिक, दोनों सरकारों की सहमति और संधि की शर्तें पूरी होने पर, अपने-अपने देश में शेष सजा काट सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि संबंधित प्राधिकारियों द्वारा इन आवेदनों की जांच की जा रही है। फिलहाल स्थानांतरण के अनुरोध पर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है।
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