मुंबई , अक्टूबर 13 -- मुंबई हवाई अड्डे से परिचालन करने वाली विमान सेवा कंपनियों के साथ मंगलवार को एक बैठक में अडानी एयरपोर्ट्स ने उन्हें टर्मिनल-1 के पुनर्निमाण के दौरान कम से कम व्यवधान का आश्वासन दिया।

एयरलाइन ऑपरेटर्स कमेटी (एओसी) के साथ बैठक में अडानी एयरपोर्ट्स के चेयरमैन जीत अडानी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण बंसल भी शामिल हुए। इसमें बताया गया कि आगामी 25 अक्टूबर से शुरू हो रहे विंटर शेड्यूल में स्लॉट के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।

मुंबई हवाई अड्डे का परिचालन मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) के पास है जो अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड की इकाई है। टी-1 के पुनर्निमाण के दौरान विमान सेवा कंपनियों से अपना अंतरराष्ट्रीय परिचालन नवी मुंबई हवाई अड्डे पर स्थानांतरित करने के लिए कहने के बाद बड़ा विवाद शुरू हो गया था। बाद में नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भी हस्तक्षेप करना पड़ा और उड़ानों का स्थानांतरण टाल दिया गया।

एमआईएएल के एक प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में अडानी एयरपोर्ट्स के दोनों शीर्ष पदाधिकारियों ने विमान सेवा कंपनियों को भरोसा दिलाया कि टर्मिनल के पुनर्निमाण के दौरान कम से कम व्यवधान सुनिश्चित किया जाएगा और मौजूदा स्लॉट आवंटन का पूर्ण रूपेण सम्मान किया जाएगा। उन्होंने ने प्रतिबद्धता व्यक्त की है कि आगामी 25 अक्टूबर से शुरू हो रहे विंटर शेड्यूल में किसी भी स्लॉट को छेड़ा नहीं जाएगा।

प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा है कि बैठक में तय हुआ कि अगले दो सप्ताह में एक संयुक्त कार्य समूह का गठन किया जाएगा। यह समूह टी-1 के पुराने बुनियादी ढांचे के पुनर्निमाण को लागू करने के लिए एक योजना तैयार करेगा।

विमान सेवा कंपनियों ने कहा कि वे मार्च 2027 के अंत में शुरू होने वाले समर शिड्यूल से पुनर्विकास और ट्रैफिक के पुनर्नियोजन में सहयोग करेंगी। हवाई अड्डा संचालक ने कहा है कि इस दौरान यदि कोई एयरलाइंस अपनी उड़ान नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करना चाहेगी तो उसे पूरा समर्थन दिया जाएगा।

एओसी और अडानी एयरपोर्ट्स की अगली बैठक 28 अक्टूबर को होगी। इस बीच हर विमान सेवा कंपनी की नेटवर्क और स्लॉट संबंधी टीमों के साथ अलग-अलग चर्चा की जाएगी।

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