नयी दिल्ली , जुलाई 22 -- रेलवे ने बुधवार को कहा कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन गलियारे में विद्युतीकरण का काम जोर-शोर से चल रहा है और इसके लिए दुनिया सबसे अच्छी और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

राष्ट्रीय उच्च गति रेल निगम लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल ) ने एक विज्ञप्ति में बताया कि देश की इस पहली बुलेट-ट्रेन लाइन पर 2x25 केवी ओवरहेड ट्रैक्शन सिस्टम लगाया जा रहा है। इसके लिए 14 ट्रैक्शन सबस्टेशनों स्थापित किये गये हैं और वहां भूकम्प मीटर भी लगाए जा रहे हैं। एनएचएसआरसीएल के अनुसार 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन गलियारे में विद्युतीकरण का काम जोर शोर से चल रहा है। इस गलियारे में लगायी जा रही 2x25 केवी ओवरहेड ट्रैक्शन प्रणाली एक उन्नत विद्युत आपूर्ति प्रणाली है और दुनिया भर में उच्च गति रेल परियोजना के लिए इस्तेमाल होने वाली सबसे आधुनिक रेलवे विद्युतीकरण तकनीकों में से एक है। इसे विशेष तौर पर उन ट्रेनों के लिए निरंतर विद्युत आपूर्ति देने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं।

एनएचएसआरसीएल के अनुसार राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड से बिजली की आपूर्ति विशेष रूप से डिज़ाइन किए गये ग्रिड सबस्टेशनों तक की जाएगी, जहाँ से इस गलियारे के लिए 14 ट्रैक्शन सबस्टेशनों तक पहुँचाया जाएगा। गलियारे के लिए महाराष्ट्र में पांच ट्रैक्शन सबस्टेशन स्थापित किये गये हैं, जिनमें मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर और ठाणे डिपो में स्थापित सबस्टेशन शामिल हैं। वहीं गुजरात में नौ वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, महेमदाबाद, अहमदाबाद और साबरमती डिपो में सब स्टेशन स्थापित किये गये हैं।

इन सबस्टेशनों में से प्रत्येक में प्रारंभिक तौर पर भूकंप पता लगाने वाले 28 भूकम्प मीटर लगाए जाएंगे, जो भूकंपीय गतिविधि का पता लगाने और कुछ ही सेकंड में सुरक्षा उपाय शुरू करने में सक्षम होंगे, ताकि भूकंप होने पर तुरंत ट्रेनों को रोका जा सके। इनमें से 12 भूकम्प मीटर महाराष्ट्र और 16 गुजरात में लगाये जा रहे हैंइस मार्ग पर ओवरहेड इलेक्ट्रिकल तारों का सटीक रूप से बनाया गया नेटवर्क लगभग 22,000 स्टील के खंभों और 25,700 से ज़्यादा कैंटिलीवर असेंबली के सहारे टिका होगा और ट्रेन डिपो की लाइनों को मिला कर 1,125 ट्रैक किलोमीटर फैला होगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित