बीड , सितंबर 09 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा ) नेता एवं परली के विधायक धनंजय मुंडे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मराठवाड़ा को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है और कहा है कि परेशान किसानों को आर्थिक मदद दिया जाये और छत्रपति संभाजीनगर में मंत्रिमंडल की विशेष बैठक बुलायी जाये।

श्री मुंडे ने मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में कहा कि लंबे समय तक बारिश न होने से खरीफ की फसलों पर बुरा असर पड़ा है, खासकर बीड ज़िले में फसलें सूखने लगी हैं। जिन किसानों ने बुआई के लिए बैंकों, क्रेडिट सोसायटियों और निजी उधारदाताओं से भारी कर्ज़ लिया था, वे अब बढ़ते कर्ज़ का सामना कर रहे हैं क्योंकि अच्छी फसल की उम्मीद कम होती जा रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति जल्द ही फसल के नुकसान से आगे बढ़ सकती है, जिसमें पीने के पानी और चारे की कमी जैसी अतिरिक्त चिंताएँ भी शामिल हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय जल स्रोतों और भूजल भंडार के तेज़ी से कम होने से संकट और बढ़ सकता है और मवेशियों पर भी खतरा पैदा हो सकता है।

संकट के समय में राज्य सरकार द्वारा मराठवाड़ा में बुलायी गयी पिछली विशेष कैबिनेट बैठकों का ज़िक्र करते हुए श्री मुंडे ने 17 सितंबर को छत्रपति संभाजीनगर में एक खास बैठक की मांग की। यह तारीख राज्य के 'मराठवाड़ा मुक्ति दिवस' समारोह के साथ पड़ रही है। उन्होंने प्रभावित किसानों और ग्रामीण समुदायों की मदद के लिए सरकार के तुरंत दखल की ज़रूरत बताते हुए मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तरी महाराष्ट्र के लिए एक व्यापक राहत पैकेज की भी मांग की।

इस मांग पर शिवसेना (ठाकरे गुट) के नेता अंबादास दानवे ने तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी और श्री मुंडे की इस पहल को सिर्फ़ प्रचार का हथकंडा बताया। श्री दानवे ने इस मांग के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि श्री मुंडे मंत्री रह चुके हैं और मंत्रिमंडल की प्रक्रियाओं से अच्छी तरह वाकिफ़ हैं, उन्होंने यह मुद्दा प्रस्तावित कार्यक्रम से कुछ दिन पहले ही क्यों उठाया। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की एक और बैठक बुलाने के बजाय, सरकार को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि अधिकारी पिछली कैबिनेट बैठकों में लिये गये फैसलों को लागू करें और देरी के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जाये।

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