नयी दिल्ली , जून 27 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मुंडका औद्योगिक क्षेत्र में जहरीली गैस की चपेट में आने करने वाले श्रमिकों के परिजनों से मिलने के लिए ने शनिवार को सुल्तानपुरी के इंद्रा झील स्थित उनके घर पहुंचा और उनकी मांगों को लेकर हर पल उनका साथ देने का आश्वासन दिया।

इस प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार, भारतीय राष्ट्रीय श्रमिक कांग्रेस के अध्यक्ष सुखबीर शर्मा, किराड़ी जिला कांग्रेस अध्यक्ष वरुण ढाका, बनवारी लाल उपाध्याय, सुखबीरी सहित कई अन्य नेता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने पीड़ित परिजनों से प्रति संवेदना व्यक्त की और उनकी मांगों को लेकर हर पल उनका साथ देने की बात कही तथा समझा-बुझाकर मृतकों का पोस्टमार्टम करवाने के लिए राजी किया।

गौरतलब है कि मुंडका इलाके में एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से शुक्रवार को तीन मजदूरों अरुण (25), संदीप (32) और चांद (42) की मौत पर गया थी। पीड़ित परिवारों से बातचीत के बाद डॉ. नरेश कुमार ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस हादसे को लेकर अपनों को खो चुके परिवारों में भारी गुस्सा है। उन्होंने साफ कह दिया था कि जब तक सरकार की तरफ से प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा,परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और लापरवाही बरतने वाले फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे पोस्टमार्टम के लिए अनुमति नहीं देंगे। परिजनों की यह भी मांग थी कि पोस्टमार्टम के वक्त परिवार के लोग साथ में मौजूद रहेंगे।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिजनों की मांगों को मौके पर मौजूद उप जिला अधिकारी (एसडीएम) मीणा और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति (एससी) आयोग के सदस्य करमवीर कर्मा के सामने से रखा। इस दौरान स्थानीय विधायक मुकेश अहलावत भी वहां मौजूद थे। उन्होंने बताया कि श्री मीणा और श्री कर्मा ने आश्वासन दिया कि वे पीड़ितों की मांगों को दिल्ली सरकार तक पहुंचाएंगे और इन्हें हर हाल में पूरा करवाएंगे। इसके बाद पीड़ित परिजन मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाने के लिए राजी हो गये।

डॉ. कुमार ने कहा, "उच्चतम न्यायालय का 2013 का स्पष्ट आदेश है कि हाथ से मैला ढोने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद बिना किसी सुरक्षा के गरीब मजदूरों को सीवर और सेप्टिक टैंकों में उतारकर काम कराया जा रहा है। यह कोई हादसा नहीं है, बल्कि सीधे-सीधे कानून की धज्जियां उड़ाकर की गयी हत्या है। यह सब कुछ सरकार और प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है, जो कि एक हत्या है।

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