मुंगेर, मई 01 -- मुंगेर जिले में बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग ने "बाल श्रम उन्मूलन अभियान" के तहत 2025 - 26 में 50 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है।

मुंगेर के श्रम अधीक्षक सत्यप्रकाश ने मजदूर दिवस के अवसर पर आज संवाददाताओं को बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024 -25 में 48 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया था और विगत दो वित्तीय वर्षों में यह संख्या 98 तक पहुंच गई है।

श्री सत्यप्रकाश ने बताया है कि जिले के 9 प्रखंडों में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी के नेतृत्व में धावा दल लगातार रेस्टोरेंट, गेराज और अन्य प्रतिष्ठानों में छापेमारी कर रहा है और बाल श्रमिकों को मुक्त करने का अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि मुक्त कराए गए बाल श्रमिकों को पुनर्वासित करने के साथ आर्थिक सहायता भी दी गई है है। उन्होंने कहा कि पुनर्वासित बच्चों के परिजनों को भी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा हैश्री सत्यप्रकाश ने कहा कि मुंगेर जिले को बाल श्रमिकों से मुक्त करने की दिशा में विभाग जहां धावा दल गठित कर लगातार छापामारी कर बाल श्रमिकों को मुक्त कर रहा है, दूसरी ओर जागरूकता अभियान को भी तेज कर नियोजकों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुंगेर जिले में जागरूकता अभियान के तहत नियोजकों को चेतावनी दी जा रही है कि बाल श्रमिकों से काम लेने पर उन्हें जुर्माना और कारावास की सजा भुगतनी पड़ सकती है।

उल्लेखनीय है कि जागरूकता अभियान के तहत मुंगेर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक गुप्ता और अन्य न्यायाधीशों ने व्यवहार न्यायालय परिसर से 30 अप्रैल को जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर ग्रामीण क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया है।

यह जागरूकता रथ पूरे जिले का भ्रमण करेगा और नियोजकों को बाल श्रम की कुरीतियों से अवगत कराएगा और कानून तोड़ने वाले नियोजकों को जुर्माना और सजा की भी जानकारी दी जाएगी।

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