मुंगेर , जुलाई 23 -- भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन भारतीय रबर बोर्ड के भारतीय रबर अनुसंधान संस्थान (केरल) और हिमाचल प्रदेश के सहयोग से मुंगेर में रबर प्लांटेशन के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति बदलने के उद्देश्य से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है।इस परियोजना के तहत केरल से हवाई मार्ग द्वारा मुंगेर लाए गए 300 रबर पौधों का गुरुवार को मुंगेर विश्वविद्यालय के अधीन संचालित अंगीभूत जेआरएस कॉलेज परिसर में एक साथ रोपण किया गया।
मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय कुमार ने रबर पौधारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के शिक्षकों तथा विद्यार्थियों ने मिलकर 300 रबर पौधों का रोपण किया है। यह कार्य पायलट प्रोजेक्ट के तहत किया गया है।
कुलपति ने कॉलेज परिसर में "रबर शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र" का भी विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यदि मुंगेर की जलवायु में रबर के पौधे सफलतापूर्वक विकसित होते हैं, तो भारतीय रबर अनुसंधान संस्थान (केरल) के सहयोग से जिले के किसानों को रबर की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे भविष्य में किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।
केरल स्थित भारतीय रबर बोर्ड के भारतीय रबर अनुसंधान संस्थान के प्रधान रबर वैज्ञानिक डॉ. एम.बी. मोहम्मद सादिक ने बताया कि मुंगेर में रबर प्लांटेशन की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि यदि यह परियोजना सफल रहती है तो बिहार के अन्य क्षेत्रों में भी रबर की खेती को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
मुंगेर विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार टाटा ने बताया कि जल्द ही दक्षिण कोरिया से भी रबर के पौधे मुंगेर लाए जाएंगे और उनका भी प्लांटेशन किया जाएगा।
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