मुंगेर, जनवरी 29 -- मुंगेर नगर निगम की मेयर कुमकुम देवी ने शहर के शमशान घाट पर शव का दाह संस्कार करने वाले चार जिलों के शव यात्रियों की परेशानियों को दूर करने और उचित सुविधा प्रदान करने की दिशा में कदम उठाने की घोषणा की है।
मुंगेर शमशान घाट पर गंगा किनारे दाह संस्कार करने के लिए मुंगेर, जमुई ,लखीसराय शेखपुरा और खगड़िया जिलों से प्रतिदिन कई दर्जन शव पहुंचते हैं।
इन दिनों मुंगेर जिले में गंगा नदी की धारा मुंगेर शमशान घाट से 01 किलोमीटर दूर चले जाने के कारण शव यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई हैं।अब दाह संस्कार करने पहुंचने वाले शव यात्रियों को एक किलोमीटर गंगा के रेत पर चलना पड़ता है। साथ ही मुंगेर शमशान घाट में रात्रि में बिजली की व्यवस्था नहीं रहने से शव यात्रियों को भौंकते कुत्तों का डर सताता रहता है।
इस संबंध में मुंगेर नगर निगम की मेयर ने शमशान घाट का निरीक्षण किया और कहा कि घाट के नजदीक गंगा की धारा का प्रवाह लाने के लिए जिला पदाधिकारी से वह विचार विमर्श करेंगी।
मेयर ने मुंगेर शमशान घाट में आगामी 15 दिनों में हाई मास्ट सोलर लाइट लगाने की घोषणा भी की है। उन्होंने मुख्य सड़क से शमशान घाट तक शव को ले जाने के क्रम में सीढ़ी पर दुर्घटना रोकने के लिए इसे शव वाहन पहुंचने की व्यवस्था का भी आश्वासन किया दिया ।
मुंगेर सेवा मंच के संयोजक संजय कुमार बबलू और सदस्य शिवदयाल यादव ने मेयर को निरीक्षण के दौरान मुंगेर शमशान घाट पर होने वाली समस्याओं से अवगत कराया है।
इस बीच आज मेयर कुमकुम देवी ने स्वयंसेवी संस्था मुंगेर सेवा मंच की ओर से मुंगेर शमशान घाट में निर्मित "मुक्तिधाम शेड द्वितीय" का फीता काट कर विधिवत उद्घाटन किया।
मुंगेर सेवा मंच ने दान कर्ताओं से प्राप्त राशि से अब तक मुंगेर शमशान घाट में दो मुक्तिधाम शेड का निर्माण किया है।मुक्तिधाम शेड के निर्माण होने से शमशान घाट में गर्मी में चिलचिलाती धूप से और बारिश में शव यात्रियों को काफी राहत मिल रही है।
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