श्री मुक्तसर साहिब/अमृतसर , अगस्त 02 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने आम आदमी पार्टी के विधायक द्वारा मीरी-पीरी खालसा मार्च पर की गयी टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह पंथक परंपराओं का अपमान और संगत की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बयान है।

रविवार को मीरी-पीरी खालसा मार्च के दौरान संबोधित करते हुए श्री धामी ने कहा कि इस मार्च का उद्देश्य श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता, पंथक एकता, सिख चेतना को मजबूत करना और युवाओं को सिख विरासत से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में संगत श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पण की भावना से इस मार्च में शामिल हो रही है।

श्री धामी ने कहा कि आप विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद की टिप्पणी उनकी ईर्ष्या को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि खालसा मार्च निकालना सिख पंथ की ऐतिहासिक परंपरा है और ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित विधायक को सिख सिद्धांतों और परंपराओं की पर्याप्त समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि सिख मर्यादा और गुरु घर से जुड़े किसी भी विषय पर बोलने से पहले पूरी जानकारी और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मीरी-पीरी खालसा मार्च कोई राजनीतिक रोड शो नहीं, बल्कि श्री अकाल तख्त साहिब से अरदास के उपरांत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पंज प्यारों की अगुवाई में शुरू किया गया धार्मिक मार्च है, जिसे गुरमत मर्यादा के अनुसार संचालित किया जा रहा है। उन्होंने संगत से सिख संस्थाओं को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहने की भी अपील की।

इस दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने संगत को सिख परंपराओं, गुरु घर की गोलकों और सिख संस्थाओं के खिलाफ बोलने तथा उन्हें कमजोर करने वाली पंथ विरोधी ताकतों से सावधान रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुरु घर की गोलकें हमेशा प्राकृतिक आपदाओं और संकट के समय मानवता की सेवा में आगे रही हैं और जब कई बार सरकारें भी असहाय थीं, तब गुरुद्वारों, एसजीपीसी और गुरु के सिखों ने जरूरतमंदों की सहायता की।

जत्थेदार गड़गज्ज ने हाल के वर्षों में हुई बेअदबी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सभी गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों से गुरुद्वारों में चौबीसों घंटे निगरानी और पहरेदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खालसा पंथ एक परिवार है और एक-दूसरे की रक्षा करना प्रत्येक सिख का कर्तव्य है। साथ ही उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने वाली ताकतों की पहचान कर उसके सिद्धांतों के प्रति निष्ठावान रहने का आह्वान किया।

श्री मुक्तसर साहिब स्थित गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में आयोजित दीवान के बाद अरदास उपरांत मीरी-पीरी खालसा मार्च अगले पड़ाव के लिए रवाना हुआ। कार्यक्रम के दौरान सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी केवल सिंह ने संगत को सिख इतिहास से परिचित कराया, जबकि हेड प्रचारक भाई सरबजीत सिंह ढोटियां ने मार्च के उद्देश्य और सिख सिद्धांतों पर विचार रखे।

मार्च के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप पालकी साहिब में सुशोभित किया गया तथा चौर साहिब की सेवा एसजीपीसी सदस्य नवतेज सिंह काउणी ने निभाई। विभिन्न गांवों और कस्बों में संगत ने श्रद्धा और उत्साह के साथ खालसा मार्च का स्वागत किया। मार्च के साथ चल रही गुरु साहिबान एवं शहीद सिंहों के शस्त्रों वाली बस और शहीदों के चित्रों से सुसज्जित वाहन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। बड़ी संख्या में युवाओं ने "गुरु विरोधी" और "खालसा पंथ विरोधी" लिखी तख्तियां लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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