चंडीगढ़ , जून 23 -- राजीव गांधी पंचायती राज संगठन (आरजीपीआरएस) पंजाब द्वारा मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सेक्टर-15 चंडीगढ़ में एक दिवसीय भूख हड़ताल और सत्याग्रह आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन संगठन की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र कथित रूप से अवैध और असंवैधानिक तरीके से रद्द किए जाने के विरोध में किया गया।
सत्याग्रह में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पंवार और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गगनदीप सिंह बॉबी ने विशेष रूप से भाग लिया। मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. सुनील पंवार और आरजीपीआरएस पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट जसप्रीत सिंह ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा रद्द किया जाना लोकतंत्र की हत्या के समान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के दबाव में प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया गया है, जो संविधान और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि संगठन इस लड़ाई को न्याय मिलने तक जारी रखेगा।
सत्याग्रह में कुलदीप सिंह काला ढिल्लों, गुरकीरत सिंह कोटली, कुलजीत सिंह नागरा, रुपिंदर सिंह राजा गिल, हैप्पी खैहरा, फतेह सिंह बादल और जशन चहल सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भाग लिया। नेताओं ने कहा कि यह सत्याग्रह सरकार को स्पष्ट संदेश देता है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस और आरजीपीआरएस का हर कार्यकर्ता सड़क पर उतरने से पीछे नहीं हटेगा। सुबह 9:30 बजे शुरू हुआ यह भूख हड़ताल और सत्याग्रह शाम पांच बजे शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ। पंजाब के विभिन्न जिलों से आए संगठन के पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं ने इसमें बड़ी संख्या में भाग लिया।
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