भोपाल , जून 09 -- मध्यप्रदेश कांग्रेस के विधायकों को लेकर बेंगलुरु रवाना होने वाला विशेष विमान आज भोपाल विमानतल पर कई घंटे तक रुका रहा। इस दौरान उड़ान अनुमति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही, जिस पर कांग्रेस ने सरकार और विमानतल प्रशासन पर सवाल उठाए।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार राज्यसभा चुनाव में संभावित क्रास वोटिंग रोकने के उद्देश्य से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस के सभी 62 विधायकों को बेंगलुरु ले जाने की तैयारी की गई थी। इसी सिलसिले में विशेष विमान की व्यवस्था की गई थी। विधायकों को संगठनात्मक रणनीति के तहत राज्य से बाहर ले जाया जाना था।
सूत्रों ने बताया कि विमान उड़ान भरने की तैयारी में था, लेकिन बाद में उसे रनवे से वापस लौटना पड़ा। कांग्रेस नेताओं के अनुसार विमानतल प्रशासन ने प्रारंभ में विमान को उड़ान की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि संबंधित उड़ान को देश के भीतर संचालन की अनुमति नहीं है। इसी कारण विमान निर्धारित समय पर रवाना नहीं हो सका।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि विमान को बिना किसी उचित कारण के रोका गया। उन्होंने कहा कि यदि कोई विमान दिल्ली से भोपाल आ सकता है तो उसे बेंगलुरु जाने से रोकने का तर्क समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में राज्य सरकार का दबाव काम कर रहा है।
इस बीच राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने की जानकारी सामने आने के बाद घटनाक्रम में अचानक बदलाव आ गया। सूत्रों के अनुसार बेंगलुरु रवाना होने की तैयारी में जुटे कांग्रेस विधायक विमानतल से वापस लौट गए और प्रस्तावित यात्रा स्थगित कर दी गई।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि विमान को लगभग तीन घंटे तक रोके रखा गया। वहीं विमानतल प्रशासन की ओर से उड़ान संचालन संबंधी औपचारिकताओं और अनुमति प्रक्रिया का हवाला दिए जाने की जानकारी मिली है। मामले में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।
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