जयपुर , जून 10 -- कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बुधवार को कहा कि मध्यप्रदेश में राज्यसभा के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन गैर कानूनी तरीके से रद्द किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ अन्याय है।

श्री पायलट आज करौली के ग्राम सकरघटा में आयोजित अपने पिता श्री राजेश पायलट की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम एवं किसान सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता इस अन्याय के खिलाफ निर्वाचन आयोग पहुंचे, तो उनके लिए आयोग के लोहे के दरवाजे और ताले बंद कर दिये गये। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का काम किया है, जो कि बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने किसानों की समस्याओं पर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है। सरकार में मनरेगा को सीधे बंद करने का साहस नहीं है, इसलिए इसे धीरे-धीरे कमजोर करने का काम कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर कम हो गये है। फसल के लिए खाद, बीज, बिजली और पानी के दाम आसमान छू रहे है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और फसल खराब होने की स्थिति में बीमा कम्पनियों से मुआवजा प्राप्त करना भी मुश्किल हो गया है।

उन्होंने नीट पेपरलीक मामले पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि पेपरलीक से 22 लाख बच्चों के जीवन और उनके परिवारों के अरमानों पर पानी फिर गया है। मां-बाप अपना पेट काटकर कैसे-जैसे बच्चों को पढ़ाते है, लेकिन परीक्षा माफियाओं के कारण उनकी पूरी मेहनत बर्बाद हो गई और अब सरकार इसकी जिम्मेदारी लेने से बच रही है।

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