सहारनपुर , जुलाई 22 -- उत्तर प्रदेश में सहारनपुर जिले के गागलहेड़ी थाना क्षेत्र स्थित हरोड़ा गांव में एएलएम मीट प्लांट में अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान के निर्देश पर गठित अधिकारियों की संयुक्त टीम ने बुधवार को पूरे दिन संयंत्र में सुरक्षा मानकों और घटना की परिस्थितियों की जांच की।
पूर्व सांसद एवं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता फजर्लुरहमान कुरैशी के स्वामित्व वाले एएलएम मीट प्लांट में मंगलवार को शीतलन (कूलिंग) प्रणाली की पाइपलाइन के जोड़ से अमोनिया गैस का रिसाव हो गया था। घटना के समय पैकेजिंग इकाई में कार्यरत महिला श्रमिकों को आंखों में जलन, आंसू आने, चक्कर और उल्टी की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल निकटवर्ती निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
श्रभ् कुरैशी ने बताया कि संयंत्र के तकनीकी कर्मचारियों ने घटना की जानकारी मिलते ही लगभग 15 से 20 मिनट के भीतर पाइप के क्षतिग्रस्त जोड़ की वेल्डिंग कर गैस रिसाव पर नियंत्रण पा लिया था। उन्होंने इसे बड़े औद्योगिक संयंत्र में हुई एक सीमित तकनीकी घटना बताते हुए कहा कि सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल लागू किए गए।
उन्होंने बताया कि गैस रिसाव से प्रभावित कुल 14 महिला श्रमिकों में से 12 को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो महिलाओं का उपचार अभी भी जारी है।
जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति का नेतृत्व सदर उपजिलाधिकारी सुबोध कुमार कर रहे हैं। जांच दल में फैक्टरी विभाग के अतिरिक्त निदेशक रवि प्रकाश, श्रम अधिकारी शैलेंद्र शिवम त्रिपाठी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह तथा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मदनपाल सिंह गौड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हैं। जांच रिपोर्ट शीघ्र ही जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
गागलहेड़ी थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि घटना के संबंध में अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मदनपाल सिंह गौड़ ने बताया कि जांच के दौरान यह पाया गया कि मीट प्लांट के पास प्रतिदिन 600 पशुओं के वध की स्वीकृत क्षमता का वैध लाइसेंस उपलब्ध है। मीट प्लांट के प्रबंधक डॉ. आजम ने कहा कि गैस रिसाव की सूचना मिलते ही संयंत्र को सुरक्षित किया गया और सभी कर्मचारियों को तत्काल बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने बताया कि फैक्टरी में औद्योगिक सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक प्रबंध मौजूद हैं तथा प्रभावित कर्मचारियों के परिजनों को भी समय रहते घटना की सूचना दे दी गई थी।
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद गैस रिसाव के कारणों, सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा आवश्यक सुधारात्मक उपायों के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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