तिरुवनंतपुरम , जुलाई 17 -- केरल सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि 'मिशन समुद्र' के तहत आने वाले वर्षों में राज्य में विश्व स्तरीय समुद्री और जहाज निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए लगभग 10,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने की योजना बनायी गयी है।

सरकार ने इसके साथ ही उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया है, जिनमें मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के हालिया टेलीविजन साक्षात्कार का यह अर्थ निकाला गया था कि वह किसी एकल निवेश प्रस्ताव का जिक्र कर रहे थे।

आधिकारिक विज्ञप्ति में सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान राज्य को भारत के प्रमुख समुद्री और जहाज निर्माण केंद्रों में से एक के रूप में बदलने के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।

अनुमानित 10,000 करोड़ रुपये का निवेश 'मिशन समुद्र' के अंतर्गत कई परियोजनाओं और निवेशकों से मिलने वाला संचयी मूल्य है, न कि किसी एक व्यक्तिगत कंपनी के साथ हुआ कोई अंतिम समझौता। इस पहल में सरकार ने कोचीन बंदरगाह पर एक जहाज निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए मालाबार सीमेंट्स लिमिटेड और टाटा परियोजना समूह की कंपनी 'आर्टसन इंजीनियरिंग लिमिटेड' के बीच संयुक्त उद्यम को बढ़ावा दिया है।

बयान में कहा गया है कि सभी प्रमुख वैधानिक मंजूरियां हासिल कर ली गयी हैं, जबकि कोचीन बंदरगाह प्राधिकरण ने परियोजना के लिए भूमि आवंटित कर दी है और प्रारंभिक विकास कार्य शुरू कर दिये हैं, जो केरल की जहाज निर्माण क्षमता मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।

सरकार ने कहा कि 'मिशन समुद्र' में एक एकल जहाज निर्माण परियोजना से कहीं अधिक की परिकल्पना की गयी है। इस पहल का उद्देश्य विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह, कोचीन बंदरगाह और कोचीन शिपयार्ड जैसी प्रमुख संपत्तियों का लाभ उठाकर एक एकीकृत समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है, जबकि जहाज निर्माण, जहाज मरम्मत, अपतटीय निर्माण, मरीन इंजीनियरिंग, तटीय विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, समुद्री सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों को बढ़ावा देना है।

बयान में कहा गया है कि 'मिशन समुद्र' के तहत कई अग्रणी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है। सरकार ने भरोसा जताया है कि ये प्रयास बड़े निवेश में बदलेंगे और उन्होंने कहा कि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद परियोजना-विशिष्ट घोषणाएं की जायेंगी।

सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री की टिप्पणियों को 'मिशन समुद्र' के व्यापक उद्देश्य के संदर्भ में देखा जाना चाहिए, जिसका लक्ष्य केरल को भारत की अग्रणी समुद्री अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करना, बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करना और दीर्घकालिक औद्योगिक विकास को गति देना है। औद्योगिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए सरकार ने कहा कि वह केरल के आर्थिक बदलाव को गति देने के लिए निवेश के अनुकूल माहौल को बढ़ावा देना और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी समुद्री विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना जारी रखेगी।

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