पटना , अप्रैल 20 -- बिहार के उप मुख्यमंत्री सह विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने राज्य के अभियंत्रण (इंजीनियरिंग) महाविद्यालयों की रैंकिंग पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिया कि विभिन्न संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शिक्षा और आधारभूत संरचनाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाया जाए।
उप मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने सोमवार को विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने विभाग की ओर से संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना, शिक्षकों की नियुक्ति, तारामंडल एवं साइंस सिटी की प्रगति तथा नवाचार से जुड़ी गतिविधियों की गहन समीक्षा की।
श्री चौधरी ने राज्य के अभियंत्रण (इंजीनियरिंग) महाविद्यालयों की रैंकिंग पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिये कि विभिन्न संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शिक्षा और आधारभूत संरचनाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन (एनबीए) जैसी संस्थाओं से एक्रेडिटेशन (मान्यता) प्राप्त करने की दिशा में 'मिशन मोड' में काम हो। जिन संस्थानों ने अब तक एक्रेडिटेशन के लिए क्लेम नहीं किया है, उनका विस्तृत ब्यौरा तलब किया जाए । विभाग में इसके लिए एक सेल का गठन करते हुए एक नोडल पदाधिकारी नामित किया जाए ।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गया की सभी राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्लेसमेंट के अवसर समान रूप से सृजित किया जाए, साथ ही प्लेसमेंट के लिए विभिन संस्थानों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित किया जाय । उन्होंने इन संस्थाओं को एक 'कंसिस्टेंट एप्रोच' के साथ काम करने की सलाह दी।
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