लखनऊ , सितंबर 11 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के निरंतर क्षमता विकास पर जोर देते हुए मिशन कर्मयोगी पोर्टल के माध्यम से न्यूनतम दो पाठ्यक्रम पूरा करना अनिवार्य कर दिया है।

बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी कार्मिकों को यह प्रशिक्षण पूरा करना होगा। खासतौर पर अब तक कोई पाठ्यक्रम पूरा नहीं करने वाले अथवा प्रशिक्षण अधूरा छोड़ने वाले कार्मिकों को प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने निर्देश दिए हैं कि कार्यालयाध्यक्ष स्वयं भी निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा करेंगे और अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाएंगे। इसका उद्देश्य विभागीय कार्यालयों से लेकर विद्यालय स्तर तक कार्यरत मानव संसाधन को निरंतर सीखने और अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने की प्रक्रिया से जोड़ना है।

राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान के निदेशक एवं मिशन कर्मयोगी के बेसिक शिक्षा नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश चंद्र के अनुसार कार्मिकों की सुविधा के लिए छह पाठ्यक्रम चयनित किए गए हैं। इनमें स्क्रीन टाइम प्रबंधन एवं डिजिटल जीवनशैली, इंग्लिश वोकैबुलरी: कॉमनली मिसयूज्ड एंड कन्फ्यूज्ड वर्ड्स, पूर्व प्राथमिक स्तर के लिए प्रभावी शिक्षण विधियां, योगा ब्रेक एट वर्कप्लेस, स्ट्रेस मैनेजमेंट और बेसिक्स ऑफ प्रोजेक्ट मैनेजमेंट शामिल हैं।

इन पाठ्यक्रमों के जरिए कार्मिकों को डिजिटल जीवनशैली, प्रभावी शिक्षण, तनाव प्रबंधन और कार्यस्थल प्रबंधन से जुड़ी दक्षताओं को विकसित करने का अवसर मिलेगा। विभाग ने अधूरे प्रशिक्षण को पूरा कराने के साथ ही ऐसे कार्मिकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने अभी तक कोई पाठ्यक्रम पूरा नहीं किया है।

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ उसके मानव संसाधन की दक्षता बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकता है। मिशन कर्मयोगी के माध्यम से कार्मिकों को निरंतर सीखने और अपने कार्य-कौशल को विकसित करने का अवसर मिल रहा है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि विभागीय कार्मिकों के सतत क्षमता विकास को गति दी जा रही है। प्रत्येक कार्मिक द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करना सुनिश्चित किया जाएगा और विशेष रूप से अपूर्ण अथवा अब तक प्रशिक्षण पूरा नहीं करने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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