भिण्ड , अक्टूबर 09 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड में त्योहारों से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अपर कलेक्टर राजन नाडिया ने कहा कि मिलावटी और नकली खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई केवल नमूने लेने और जुर्माना लगाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों को सील करने, लाइसेंस निरस्त करने और जरूरत पड़ने पर संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जाए।
खाद्य सुरक्षा की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रीना बंसल ने जुलाई से सितंबर 2026 तक की कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अवधि में 201 निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के 196 विधिक नमूने लिए गए तथा 6,593 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने 13.10 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया, जबकि 30 हजार रुपये की वसूली की गई। इस दौरान दो खाद्य लाइसेंस भी निरस्त किए गए।
तीन महीने में खाद्य सामग्री के 14 नमूनों की जांच रिपोर्ट मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके अलावा 16 प्रतिष्ठानों के विरुद्ध बंदी संबंधी प्रकरण बनाए गए और नौ प्रकरण अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। अपर कलेक्टर ने अधिकारियों को जांच में विफल पाए गए नमूनों के मामलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने तथा प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
अपर कलेक्टर ने कहा कि त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने नियमित निरीक्षण और नमूने लेने की कार्रवाई बढ़ाने के साथ अधिक कारोबार वाले सभी पात्र खाद्य प्रतिष्ठानों को अनिवार्य रूप से लाइसेंस लेने तथा उसे प्रतिष्ठान में प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अन्य विभागीय अधिकारी, उपभोक्ता संगठनों के प्रतिनिधि तथा दुग्ध एवं खाद्य व्यवसायी मौजूद रहे।
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